विश्वकर्मा पूजा आज : इंजीनियर, कारीगर और उद्योगपति करेंगे विशेष पूजन, समृद्धि और कुशलता की कामना


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कोरबा, 17 सितंबर 2025 –
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ हर वर्ष की तरह इस बार भी आज विश्वकर्मा पूजा बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। यह पर्व विशेष रूप से उन लोगों द्वारा अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है, जो निर्माण कार्य, उद्योग, तकनीकी क्षेत्र, यंत्र निर्माण, इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी कार्यों से जुड़े हैं। भगवान विश्वकर्मा को हिंदू धर्म में सभी कारीगरों, यंत्र निर्माताओं, वास्तुकारों, इंजीनियरों और शिल्पकारों का संरक्षक माना जाता है। उन्हें ‘सभी निर्माण कार्यों के भगवान’ के रूप में पूजा जाता है।
विश्वकर्मा पूजा का महत्व इस बात में है कि यह पर्व कार्यकुशलता, तकनीकी प्रगति और निर्माण कार्य में सृजनात्मकता के लिए प्रेरित करता है। इस दिन उद्योगपतियों, इंजीनियरों, कारखानों के कर्मचारियों, वाहन चालकों, शिल्पकारों सहित सभी व्यवसायिक क्षेत्रों से जुड़े लोग अपने उपकरण, मशीनें, यंत्र, वाहन आदि को स्वच्छ कर पूजा करते हैं। इस अवसर पर सभी लोग भगवान विश्वकर्मा से अपने कार्य क्षेत्र में सफलता, सुरक्षा, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
छत्तीसगढ़ सहित देशभर में विशेष रूप से कारखानों, निर्माण स्थलों, इंजीनियरिंग कार्यालयों, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप्स और विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या चित्र स्थापित कर भव्य पूजन का आयोजन किया जाता है। पूजा में विशेष रूप से साफ-सफाई पर जोर दिया जाता है तथा सभी यंत्र-उपकरणों को शुद्ध कर उन्हें देवी-देवताओं की भांति सम्मानपूर्वक सजाया जाता है।
आज के दिन विधिपूर्वक यज्ञ, हवन, भजन-कीर्तन और प्रार्थना का आयोजन भी बड़े हर्षोल्लास से किया जाता है। प्रमुख धार्मिक स्थल एवं उद्योग परिसरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही, कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सामाजिक दूरी बनाए रखने एवं स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील भी की जा रही है।
इस पर्व की एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यह उद्योग क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए न केवल आध्यात्मिक उत्सव है, बल्कि यह उन्हें अपने यंत्रों के रख-रखाव और साफ-सफाई पर ध्यान देने के लिए भी प्रेरित करता है। यह दिन तकनीकी क्षेत्र में नवीनता और दक्षता की प्रतीक भी माना जाता है।

