रिस्दी चौक पर शराब दुकान खोलने के विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी – स्कूल, मेडिकल कॉलेज और मंदिर के बीच दुकान खोलना अपमानजनक, वार्डवासियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा के वार्ड क्रमांक 35 स्थित रिस्दी चौक बाईपास रोड पर शराब दुकान खोलने के प्रस्ताव ने स्थानीय निवासियों में भयंकर आक्रोश भर दिया है। मंदिर, स्कूल और मेडिकल कॉलेज के बीच शराब दुकान खोलने की योजना को लेकर पूरे क्षेत्र में विरोध का माहौल बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रस्ताव पूरी तरह से आबकारी अधिनियम व सामाजिक जिम्मेदारी के खिलाफ है।

जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित शराब दुकान का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है, लेकिन इससे पहले ही वार्डवासियों ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि प्रशासन ने बिना किसी संजीदगी के अनुमति दी, तो वे सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि प्रस्तावित दुकान से महज 100 मीटर की दूरी पर एक प्रमुख कबीर पंथी मंदिर, शासकीय स्कूल और मेडिकल कॉलेज स्थित हैं। ऐसे संवेदनशील स्थान पर शराब दुकान खोलना न केवल धार्मिक आस्था के प्रति अपमान है, बल्कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी भारी खतरा बनता जा रहा है।

विरोधियों ने यह भी जोर देकर कहा कि शराब दुकान के कारण मुख्य मार्ग पर दुर्घटनाओं की संभावना काफी बढ़ जाएगी। वे कह रहे हैं – “यह न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक कदम है।”
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से सख्त अपील की है कि प्रस्तावित स्थान पर शराब दुकान खोलने की योजना तत्काल रद्द की जाए और किसी और सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण सुनिश्चित किया जाए।
वार्डवासियों का स्पष्ट अल्टीमेटम है –
“यदि हमारी मांगों को अनसुना किया गया तो हम संघर्ष को रोकने में नहीं चूकेंगे।” वे यह भी कह रहे हैं कि यह विरोध केवल एक व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा, नैतिकता और शिक्षा के प्रति एक लड़ाई है।
अब सबकी निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं –
क्या प्रशासन लोगों की भावनाओं का सम्मान करेगा या नियमों की अनदेखी करते हुए सामाजिक विस्फोट का कारण बनेगा? आने वाले दिनों में इसका उत्तर खुद-ब-खुद सामने आ जाएगा।

