छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह पर श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में ज्ञानवर्धक कार्यशाला का भव्य आयोजन


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्षों के गौरवमयी सफर को समर्पित रजत जयंती समारोह सप्ताह के तहत श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा में आज एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष सुनील जैन एवं प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा के नेतृत्व व मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के पच्चीस वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित परिचर्चा से हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को राज्य की गौरव गाथा से जोड़ना और उसकी ऐतिहासिक धरोहर का संवर्धन करना था।
कार्यशाला में प्रदेश महामंत्री संस्कार भारती श्री हेमंत माहुलिकर तथा सेवा निवृत्त प्राचार्य श्री विवेक लांडे को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना और राज्यगीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को प्रेरित करते हुए छत्तीसगढ़ की अमूल्य सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता हेमंत माहुलिकर ने प्रभावशाली भाषण में छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, हरि सिंह क्षत्री एवं श्रीमती तिजन बाई के योगदान की चर्चा करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रोत्साहित किया। साथ ही, सेवा निवृत्त शिक्षक विवेक लांडे ने छत्तीसगढ़ के मध्यप्रदेश से अलग होकर राज्य बनने की प्रक्रिया, कठिनाइयाँ और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं जैसे पीएम श्री, CHALK आदि की विस्तृत जानकारी दी।
परिचर्चा में छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, सामाजिक, औद्योगिक एवं शैक्षणिक विकास की विविध पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बी.एड प्रशिक्षार्थी छात्र-छात्राओं – निकिता, निवेदिता, अभिषेक, स्मिता, पूर्णिमा, पूनम, संस्कृति, अन्नु, आकांक्षा, मनीषा व ज्योति ने भी विषयों पर अपने विचार साझा किए। सभी ने छत्तीसगढ़ के विकास व गौरव पर गर्व व्यक्त करते हुए एकजुटता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा संकाय विभागाध्यक्ष डॉ. पी.एस. पैकरा ने अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों और सभी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समन्वय सहायक प्राध्यापक डॉली एन. शंकर तथा प्रशिक्षार्थी कौशलेन्द्र, रेखा सोनी, मनीषा यादव व रीतिका झा के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक के एल साहू एवं श्रीमती सी.एस. सेंगर की विशेष भूमिका ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बनाया।
यह कार्यशाला न केवल छत्तीसगढ़ राज्य की गौरव गाथा को उजागर करने का माध्यम बनी, बल्कि युवाओं में अपने राज्य की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारियों को समझने की नई चेतना भी उत्पन्न की।

