प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधार से देश में खुशहाली की सौगात, छत्तीसगढ़ के किसानों को ट्रैक्टर व कृषि उपकरण पर बड़ी राहत, स्वास्थ्य बीमा व जनजातीय क्षेत्र को विशेष लाभ


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ रायपुर, सितम्बर 2025 – भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) प्रणाली में व्यापक सुधार लागू किए हैं, जो देश के डेढ़ सौ करोड़ लोगों के जीवन में खुशहाली की नई सौगात लेकर आए हैं। आयकर में ऐतिहासिक छूट देने के बाद अब जीएसटी प्रणाली का भी सरलीकरण कर आम जनता व व्यापार उद्योग को नई गति प्रदान की गई है।
केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में जटिल कर व्यवस्था को सरल बनाकर केवल दो स्लैब में कर प्रणाली को समाहित किया है। इससे पहले चार स्लैब लागू थे। साथ ही सभी उपयोगी वस्तुओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है, जबकि अनेक उत्पादों में कर दर में 10 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। यह कदम देश की अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर परिवर्तन लाने वाला साबित होगा।
विगत में कांग्रेस शासनकाल में भारत में 17 प्रकार के अलग-अलग टैक्स व 13 प्रकार के सेस लागू थे। प्रत्यक्ष कर की दृष्टि से आयकर दर कभी 97.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रयासों से पिछले वर्ष वार्षिक 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया जा चुका है।
इन सुधारों का सबसे बड़ा लाभ सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (MSME) को मिलेगा। रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुएं जैसे तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन से लेकर ट्रैक्टर व उसके कल-पुर्जे, हार्वेस्टर, बागवानी मशीन, सिंचाई उपकरण, जैव कीटनाशक, मेंथॉल, कृषि मशीनरी, ड्रिप इरीगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर, व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ऑटोमोबाइल उत्पाद अब किफायती हो चुके हैं।

छत्तीसगढ़, जो एक कृषि प्रधान राज्य है और जहाँ की 80 प्रतिशत आबादी कृषि कार्य में संलग्न है, वहां इन सुधारों का विशेष महत्व है। जीएसटी दर में कटौती से केवल एक ट्रैक्टर की खरीद पर किसानों को 25 हजार से 63 हजार रुपये तक की बचत होगी। उदाहरण स्वरूप, 9 लाख रुपये मूल्य के ट्रैक्टर पर करीब 65 हजार रुपये की बचत होगी। इसके अलावा, 35 HP क्षमता के ट्रैक्टर पर अब लगभग 41 हजार रुपये कम देना होगा।
छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष लगभग 30 से 35 हजार ट्रैक्टर बिकने का अनुमान है, जिससे प्रदेश के किसानों को कुल लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत होगी। ट्रैक्टर के टायर पर भी 7 हजार रुपये की बचत का प्रावधान किया गया है।
कृषि उपकरण जैसे हार्वेस्टर, बागवानी मशीन, जैव कीटनाशक, मेंथॉल, सिंचाई मशीन, कृषि मशीनरी व अन्य पर 5 प्रतिशत जीएसटी दर तय की गई है। यह कदम उत्पादन की लागत में कमी लाकर मुनाफे को बढ़ाएगा।
स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा उत्पाद पर जीएसटी को पूरी तरह से शून्य कर दिया गया है। यह सुधार सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव है, जिससे हर व्यक्ति को सस्ते स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। यह कदम स्वास्थ्य सेवा को सुलभ व सस्ता बनाने की दिशा में विशेष उल्लेखनीय है।
लघु वनोपज जैसे तेंदू पत्ता की प्रोसेसिंग मशीन पर जीएसटी दर घटाने से बस्तर-सरगुजा अंचल के जनजातीय संग्राहकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश में लघु वन्य उत्पादों की मांग में वृद्धि होगी। कोयले पर सेस हटाना भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।
इन सुधारों से प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष कम से कम 50 हजार रुपये की बचत होगी। एक सामान्य परिवार, जो प्रतिवर्ष 3 से 3.5 लाख रुपये खर्च करता है, उसे राहत का प्रत्यक्ष अनुभव होगा।
नया जीएसटी सुधार केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन जी की अध्यक्षता में गठित जीएसटी काउंसिल द्वारा लागू किया गया है। छत्तीसगढ़ से पदेन सदस्य के रूप में वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी जी ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है।
यह सुधार वास्तव में लोकतांत्रिक संघवाद का बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत करता है और भारत के गरीब व मध्य वर्ग को सशक्त बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के सपनों को साकार करने वाली इस पहल के लिए देशभर में व्यापक सराहना हो रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा संचालित यह आर्थिक सुधार राष्ट्र को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व रोज़गार के नए अवसरों की दिशा में भी ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा।

