नंद घर ने पोषण माह 2025 का शुभारंभ किया, 3.5 लाख परिवारों को स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं से जोड़ा


नई दिल्ली, सितम्बर 2025:
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ वेदांता की प्रमुख सामाजिक प्रभाव पहल नंद घर ने इस वर्ष देशव्यापी पोषण माह 2025 का आयोजन शुरू किया है। यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों के लिए समग्र स्वास्थ्य, पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की एकीकृत सेवाएँ सुनिश्चित करने का संकल्प लिए चलाया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत 15 राज्यों में लगभग 3.5 लाख परिवारों तक पोषण जागरूकता और सेवा पहुँचाई जाएगी।
“पोषण से प्रगति” के संदेश के साथ व्यापक अभियान
इस वर्ष का अभियान “पोषण से प्रगति” पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में स्वस्थ आदतें अपनाने की प्रेरणा देना, पोषण संबंधी गलत धारणाओं को समाप्त करना और सरल व सतत पोषण समाधान उपलब्ध कराना है। अभियान की शुरुआत 12 सितम्बर से होगी, और इसके अंतर्गत विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जैसे:
रेसिपी प्रदर्शन, जिनमें स्थानीय, कम लागत व पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों के व्यंजन बनाए जाएंगे।
अभिभावकों के लिए प्रशिक्षण सत्र, जो मातृ स्वास्थ्य, बच्चों की वृद्धि की निगरानी और पोषण संबंधी व्यवहार पर केंद्रित होंगे।
“पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम के माध्यम से यह बताया जाएगा कि संतुलित आहार और बेहतर शिक्षा में गहरा संबंध है।
नंद घर की पोषण रणनीति के तीन स्तंभ
प्रत्यक्ष पोषण सहायता –
बच्चों को फोर्टिफाइड सप्लीमेंट्स, न्यूट्री बार्स और प्रोटीन शेक प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, परिवारों को सरकारी पोषण योजनाओं से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें आवश्यक संसाधनों की आसान पहुँच मिले।
सामुदायिक जागरूकता –
स्थानीय समुदाय को अभिभावक प्रशिक्षण, परामर्श सत्र और बच्चों की वृद्धि की निगरानी के माध्यम से सशक्त बनाकर सतत पोषण प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रौद्योगिकी एकीकरण और साझेदारियाँ –
डिजिटल उपकरणों के माध्यम से बच्चों की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। विशेषज्ञों के वेबिनार, नुक्कड़ नाटक, और डिजिटल अभियान चलाकर जागरूकता को और व्यापक बनाया जाएगा।
पहले से प्राप्त सफल परिणाम
नंद घर का पोषण मॉडल पहले से ही ठोस प्रभाव दिखा रहा है। पिछले वर्ष, पोषण माह 2024 के दौरान छह राज्यों में 1 लाख से अधिक बाजरे के शेक वितरित किए गए, जिससे बच्चों को स्वस्थ पोषण मिल सका। राजस्थान में शुरू हुए प्रोजेक्ट बालवर्धन के तहत 80,000 से अधिक बच्चे और माताएँ लक्षित स्वास्थ्य और पोषण हस्तक्षेपों से लाभान्वित हो चुके हैं। इस पहल ने बच्चों की वृद्धि, ऊर्जा स्तर और विद्यालय में उपस्थिति में भी सुधार किया है।
सीईओ की टिप्पणी
नंद घर के सीईओ श्री शशि अरोड़ा ने कहा,
“पोषण माह का उद्देश्य केवल पोषण को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि बच्चों और माताओं तक सही जानकारी और संसाधनों को पहुंचाकर उनके भविष्य को सशक्त बनाना है। हम चाहते हैं कि प्रत्येक ग्रामीण बच्चा स्वस्थ होकर देश की प्रगति में योगदान दे। 15 राज्यों में हमारी पहल समुदाय-आधारित समाधानों के जरिए स्थायी बदलाव ला रही है।”
भारत में कुपोषण की चुनौती
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार भारत में 37.5% बच्चे अविकसित हैं, जबकि प्रजनन आयु की 50% महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हैं। ऐसे समय में नंद घर पोषण माह जैसे अभियान सामूहिक प्रयासों को संगठित कर एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
स्थानीय बोली में नुक्कड़ नाटक, विशेषज्ञ वेबिनार और डिजिटल अभियान द्वारा यह अभियान अधिक प्रभावी रूप से समुदायों तक पहुँचेगा।
👉 इस साल पोषण माह 2025 का लक्ष्य सिद्ध समाधान और देशज खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि हर ग्रामीण परिवार तक पोषण संबंधी जानकारी, सहायता और सामुदायिक नेटवर्क उपलब्ध हो सके।

