2047 के विकसित छत्तीसगढ़ की कल्पना से प्रेरित छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत की सशक्त योजनाएं, कमला नेहरू कॉलेज में विज्ञान संकाय का प्रेरणादायक सेमिनार, क्विज और भाषण प्रतियोगिता आयोजित


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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा, 11 सितंबर 2025 – छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को कमला नेहरू महाविद्यालय, कोरबा में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान संकाय द्वारा प्रेरणादायक सेमिनार, क्विज एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2047 में विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अपनी कल्पना, योजना और संकल्प को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया। तत्पश्चात विज्ञान संकाय के तत्वावधान में यह सेमिनार सुबह 11 बजे कंप्यूटर लैब में प्रारंभ हुआ। विद्यार्थियों ने पीपीटी के माध्यम से कुल 20 प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत किए। प्रस्तुतिकरण में कंप्यूटर साइंस, जूलॉजी, भौतिकशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, भूगर्भशास्त्र और रसायन शास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस दौरान निर्णायक की भूमिका सहायक प्राध्यापक अजय कुमार मिश्रा और वेदव्रत उपाध्याय ने निभाई। स्वागत उद्बोधन डॉ. बीना विश्वास ने दिया, जबकि कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी श्रीमती निधि सिंह ने संभाली। विद्यार्थियों ने अपने प्रभावी प्रेजेंटेशन में आंकड़ों के माध्यम से जनता के सपनों का संकल्प, सरकार से अपेक्षाएं, छत्तीसगढ़ का इको सिस्टम, जैव विविधता, कला-संस्कृति, शिक्षा, रोजगार, विकास योजनाएं और औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर रोचक विवेचन प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों के प्रस्तुतीकरण में वर्ष 2047 में विकसित छत्तीसगढ़ की झलक साफ नजर आई, जिससे उपस्थित सभी गणमान्यजनों और शिक्षकों ने सराहना की
विकसित छत्तीसगढ़ का विजन समझना युवाओं की जिम्मेदारी – डॉ. प्रशांत बोपापुरकर
क्विज एवं भाषण स्पर्धा को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने कहा कि युवाओं से ही देश और प्रदेश का भविष्य जुड़ा है। वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को साकार करने के लिए उन्हें प्रदेश की कला-संस्कृति, संसाधनों और विकास की अवधारणाओं को जानना आवश्यक है। यही उद्देश्य इस प्रेरणादायक आयोजन का रहा। क्विज एवं भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. अर्चना सिंह और डॉ. ललिता साहू ने निभाई। स्वागत एवं संचालन की जिम्मेदारी सहायक प्राध्यापक डॉ. सुशीला कुजूर और डॉ. विमला सिंह ने निभाई। सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

