July 22, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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दीपका विस्थापित ग्राम सुआभोड़ी में हंगामा – एसईसीएल अधिकारी मकान तोड़ने पहुंचे, ग्रामीणों ने जमकर किया विरोध और मारपीट

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ एसईसीएल दीपका प्रबंधन की मनमानी और लापरवाही के खिलाफ सुआभोड़ी ग्राम के विस्थापित ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। बीते दिनों एल एंड आर विभाग के दो अधिकारी, दो कर्मचारी और मातहत स्टाफ गांव में जबरन मकान तोड़ने पहुंचे। यह कार्रवाई बड़े अधिकारियों के आदेश पर की जा रही थी। लेकिन ग्रामीणों ने इस आदेश का जमकर विरोध किया और मामला तीव्र संघर्ष में बदल गया।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारी जब मकान तोड़ने की तैयारी में थे, तभी ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया। देखते ही देखते तनाव बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हो गई। विभाग के एक क्षेत्रीय कर्मचारी के बीच-बचाव से विवाद को थोड़ी शांति मिली।
हालांकि, यह विवाद केवल एक घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से सुआभोड़ी विस्थापित ग्राम में रोजगार, मुआवजा और भू-अर्जन से जुड़ी समस्याएं जमी हुई हैं। वर्तमान में करीब 40 मकान ऐसे हैं, जिन्हें प्रशासन ने अधिग्रहित किया है, परंतु मुआवजा भुगतान व रोजगार देने में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी सभी समस्याएं हल नहीं होंगी, वे अपने घर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि “पहले रोजगार और मुआवजा का वादा पूरा किया जाए, फिर ही वे मकान खाली करेंगे।” अन्यथा किसी भी तरह का जबरन तोड़फोड़ प्रयास उनके व्यापक विरोध का सामना करेगा।
एसईसीएल प्रबंधन की इस कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि अब तक विस्थापितों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। क्षेत्रीय लोगों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार और संबंधित प्राधिकरण से अपील की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ग्रामीणों को उनका अधिकार दिलाया जाए।
अब सवाल उठता है कि क्या एसईसीएल प्रबंधन अपनी मनमानी पर कायम रहेगा या फिर न्याय व संवैधानिक प्रक्रिया का पालन कर विस्थापित परिवारों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करेगा

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