August 16, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“विश्व आदिवासी दिवस: परंपराओं की धरोहर, संस्कृति का गौरव – जनजातीय अस्मिता का उत्सव”

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। आज 9 अगस्त को पूरे विश्व में विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं, अनूठी जीवनशैली और सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान का प्रतीक है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 1994 में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस घोषित किया था, जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय के अधिकारों, संस्कृति और पहचान की रक्षा करना है।

कोरबा जिले में भी विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रैलियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इस दिवस का उत्सव मनाया जा रहा है। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे युवक-युवतियां ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य कर अपनी विरासत का परिचय दे रहे हैं। कई स्थानों पर आदिवासी समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित होकर अपने संबोधन में जनजातीय समाज के योगदान और अधिकारों की रक्षा के प्रति संकल्प व्यक्त कर रहे हैं।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज न केवल प्रकृति के संरक्षण का आदर्श उदाहरण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण अंग भी है। आज आवश्यकता है कि हम उनकी भाषाओं, पारंपरिक ज्ञान और जीवन पद्धति को संजोकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।

विश्व आदिवासी दिवस हमें यह याद दिलाता है कि आदिवासी समाज की अस्मिता, परंपराओं और अधिकारों की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।

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