July 25, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

डीएमएफ से जन अपेक्षाओं की पूर्ति के साथ हो रहा विकास: मंत्री लखनलाल देवांगन

1 min read

शासी परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को मिली स्वीकृति

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****(  कोरबा, 29 मार्च 2025 छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 में किए गए विकास कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।

बैठक में कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएमएफ से जिले के बहुआयामी विकास पर जोर

बैठक में विभिन्न एजेण्डों पर चर्चा करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि डीएमएफ से जिले में विकास कार्यों को जन अपेक्षाओं के अनुरूप पूरा किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना सहित जनहितैषी कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा कर निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि डीएमएफ के बजट में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है। सभी अधिकारी विभागीय कार्यों के लिए बजट प्रस्ताव तैयार कर समय पर स्वीकृति हेतु भेजें। उन्होंने जल आवर्धन एवं संचयन के तहत नए तालाबों के निर्माण तथा पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों ने रखी विकास कार्यों की प्राथमिकताएं

बैठक में विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने डीएमएफ राशि का विकास कार्यों में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने और रोजगार सृजन पर ध्यान देने की बात कही। विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी। वहीं, विधायक श्री फूल सिंह राठिया और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने बैठक में बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय क्षेत्र विकास और अधोसंरचना निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लोगों को रोजगार से जोड़ने, विद्यालयों के जीर्णोद्धार, प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराने, आंगनबाड़ी केंद्रों में गैस सिलेंडर व रिफिलिंग की सुविधा प्रदान करने और प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए नीट-जेईई की कोचिंग जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

2024-25 में हुए महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा

बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग ने डीएमएफ के तहत 2024-25 में संपन्न कार्यों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

वर्ष 2024-25 में डीएमएफ से हुए प्रमुख कार्य:

  • सड़क एवं अधोसंरचना:
    • कुदमुरा-श्यांग मार्ग निर्माण: ₹935.44 लाख
    • पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में सड़क नवीनीकरण: ₹98.23 लाख
    • देवपहरी-गोविंदझुंझु सीसी रोड निर्माण: ₹29 लाख
    • अमलडीहा-मालीकछार सड़क व पुलिया निर्माण: ₹3.27 करोड़
    • विभिन्न मजराटोला आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण: ₹1.91 करोड़
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास:
    • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवासीय सुविधा निर्माण: ₹16.65 करोड़
    • अत्याधुनिक 128-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन: ₹11 करोड़
    • उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण: ₹9.90 करोड़
    • पीएचसी भवन निर्माण: ₹2.25 करोड़
    • विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती: ₹6.86 करोड़
    • मेडिकल कॉलेज शिक्षकों के मानदेय हेतु: ₹3.38 करोड़

वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं को मिली मंजूरी

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को अनुमोदन दिया गया। इसमें पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, स्वच्छता, आवास, कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में योजनाओं को प्राथमिकता दी गई।

इसके अतिरिक्त, भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा और जल विभाजन विकास से जुड़े कार्यों पर भी जोर दिया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि ऐसे गांव जहां पिछले तीन वर्षों से कोई कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है, वहां डीएमएफ के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाएंगे।

बैठक के अंत में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आपसी समन्वय से जिले का तेजी से विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे विकास कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करें, जिससे जिले के नागरिकों को अधिकतम लाभ मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.