पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से ग्रामीण विकास प्रभावित, प्रधानमंत्री आवास समेत कई योजनाएं ठप्प






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा।****/ जिले के पांचों ब्लॉकों में पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है, जिससे पंचायत स्तर के कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। शासकीयकरण की मांग को लेकर पंचायत सचिव संघ ने कार्य बहिष्कार कर दिया है, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया, मनरेगा भुगतान और अन्य सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ है।
गांवों में प्रशासनिक कामकाज ठप
हड़ताल के चलते पंचायतों में ग्रामीण प्रशासन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार रुक गई है, जिससे ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों के स्वीकृति और निर्माण कार्य रुक गए हैं, जिससे लाभार्थी परेशान हैं।
इसके अलावा, मनरेगा मजदूरी का भुगतान, सरकारी लाभार्थी सूची अपडेट, टैक्स व फंड संबंधित कार्य भी ठप हो गए हैं। पंचायतों से जुड़े छोटे-छोटे कार्य भी न होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल खत्म करने की अपील, पर सचिव संघ अडिग
पंचायत सचिव संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार शासकीयकरण की उनकी मांग नहीं मानती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। उनका कहना है कि बिना शासकीयकरण के वे आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा महसूस कर रहे हैं।
वहीं, प्रशासन ने पंचायत सचिवों को काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी किया है, लेकिन अब तक इसका कोई प्रभाव नहीं दिखा है। सचिव संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस विषय पर विचार किया जा रहा है और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल, ग्रामीणों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और विकास कार्य ठप होने से गांवों की प्रशासनिक व्यवस्था चरमराने लगी है।






