कांग्रेस शासन में धर्मांतरण का खुला खेल, भूपेश बघेल की मिशनरियों से गुप्त मुलाकातें – देवलाल ठाकुर



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा रायपुर।****/ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस शासनकाल में धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिल्ली में मिशनरियों से छिपी हुई मुलाकातें होती थीं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायक चंदन कश्यप ने खुलेआम मिशनरियों को समर्थन दिया और बस्तर क्षेत्र में धर्मांतरण की आग फैली रही।
बस्तर, नारायणपुर और सुकमा बने धर्मांतरण के केंद्र
ठाकुर ने कहा कि नारायणपुर में धर्मांतरित लोग मूल आदिवासियों पर हमले करते रहे, पुलिस पर हमला हुआ, लेकिन भूपेश सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यही हाल जगदलपुर के भेजरीपदर में भी देखा गया। सुकमा एसपी और बस्तर कमिश्नर की चेतावनी के बावजूद सरकार ने आंखें मूंदे रखीं और दिल्ली में मिशनरियों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया।
तिरंगा और संविधान जलाने की धमकी देने वालों को संरक्षण!
ठाकुर ने आगे कहा कि राजधानी रायपुर में मिशनरियों ने तिरंगा और संविधान जलाने की बात कही, लेकिन जब भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, तो भूपेश सरकार ने कार्यकर्ताओं को ही जेल भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति के कारण ही ईसाई मिशनरियों को बढ़ावा मिलता रहा और इस मामले में सोनिया गांधी हमेशा से संदिग्ध रही हैं।
अमेरिका से भारत के चुनाव में हस्तक्षेप की साजिश?
ठाकुर ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद स्वीकार किया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भारत में ‘किसी और’ की सरकार बनवाना चाहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यह ‘किसी और’ कौन था, इसे भूपेश बघेल अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल बौखलाए हुए हैं क्योंकि ‘बड़ी रकम’ से हाथ धोना पड़ा और चुनाव भी हार गए।
हिंदू विरोधी मानसिकता और कुंभ विरोध पर भी उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने भूपेश बघेल को ‘हिंदू विरोधी विरासत’ को आगे बढ़ाने वाला नेता बताया और कहा कि उनकी मानसिकता इतनी विकृत हो चुकी है कि अब उन्हें कुंभ मेले से भी आपत्ति है।
ठाकुर ने साफ किया कि भाजपा हर हाल में धर्मांतरण के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी और बस्तर सहित पूरे प्रदेश में ईसाई मिशनरियों के अवैध धर्मांतरण के खेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।



