बैलगाड़ी में निकली बारात, दूल्हे ने दिया संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// नारायणपुर के एसपी गनमैन कुबेर देहरी की अनोखी शादी बनी आकर्षण का केंद्र, गांव में देखने उमड़ी भीड़
नारायणपुर। आधुनिकता और दिखावे के इस दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों, महंगी सजावट और चमक-धमक का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक ऐसी अनोखी बारात सामने आई जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। जिले के डूमरतराई गांव निवासी एवं नारायणपुर पुलिस विभाग में एसपी गनमैन के पद पर पदस्थ कुबेर देहरी ने अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसकी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
कुबेर देहरी ने पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों की जगह पारंपरिक बैलगाड़ी में बारात निकालकर समाज को सादगी, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया। जैसे ही सजी-धजी बैलगाड़ी में दूल्हा गांव की गलियों से निकला, लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने इस अनोखी बारात का स्वागत उत्साह और तालियों के साथ किया।
बैलगाड़ी को पारंपरिक ढंग से फूलों और रंगीन कपड़ों से सजाया गया था। बारात में शामिल लोग भी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए और लोकगीतों व ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर झूमते दिखाई दिए। पूरी बारात ने गांव में पुराने समय की शादियों की यादें ताजा कर दीं।
दूल्हे कुबेर देहरी ने कहा कि आज लोग शादियों में दिखावे पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं, जबकि हमारी भारतीय संस्कृति सादगी और परंपराओं को महत्व देती है। उन्होंने बताया कि बैलगाड़ी में बारात निकालने का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि बिना फिजूल खर्च और प्रदूषण फैलाए भी शादी को यादगार बनाया जा सकता है।
इस अनोखी पहल की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बाद उन्होंने ऐसी पारंपरिक बारात देखी, जिसने गांव की संस्कृति और पुरानी परंपराओं को फिर से जीवंत कर दिया। सोशल मीडिया पर भी यह अनोखी बारात तेजी से वायरल हो रही है और लोग दूल्हे की सोच को प्रेरणादायक बता रहे हैं।
नारायणपुर की यह अनोखी शादी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुबेर देहरी की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा भी दे रही है।


