कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: केजरीवाल सरकार पर 2000 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का आरोप




दिल्ली विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट, उपमुख्यमंत्री अरुण साव बोले – “अरविंद केजरीवाल ने खुद की सरकार पर डाला डाका”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **** दिल्ली विधानसभा में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। रिपोर्ट में दिल्ली सरकार पर 2000 करोड़ से अधिक के राजस्व चोरी, नियमों की अनदेखी और घोटाले के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस रिपोर्ट को लेकर केजरीवाल सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा,
“अरविंद केजरीवाल खुद को कट्टर ईमानदार बताते रहे हैं, लेकिन कैग रिपोर्ट में सामने आया है कि उनकी सरकार ने ही
जनता के पैसे का दुरुपयोग किया। चुनिंदा लोगों को 70% सरकारी काम सौंपकर भारी भ्रष्टाचार किया गया। यह आम जनता के साथ विश्वासघात है।”
कैग रिपोर्ट के बड़े खुलासे:
- 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व घोटाला – सरकारी फंड का ग़लत इस्तेमाल और सरकारी खजाने को नुकसान।
- नियमों की अनदेखी – टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता न रखते हुए चुनिंदा व्यक्तियों को 70% से अधिक कार्य सौंपे गए।
- भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड – सरकार की कई परियोजनाओं में घोटाले की पुष्टि।
- सरकारी योजनाओं में अनियमितता – दिल्ली की कई कल्याणकारी योजनाओं में धन का सही उपयोग नहीं हुआ।
भाजपा का हमला, कहा – “कैग रिपोर्ट ने खोली भ्रष्टाचार की पोल”
कैग रिपोर्ट पेश होने के बाद भाजपा ने इसे केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का सबूत बताया। भाजपा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद जनता के पैसे से अपनी राजनीति चमकाई और ईमानदारी की आड़ में घोटाले किए।
भाजपा ने पहले ही वादा किया था कि कैग रिपोर्ट को दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा, और इस वादे को पूरा कर दिया गया है। अब विपक्ष मांग कर रहा है कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
क्या केजरीवाल सरकार पर बढ़ेगा संकट?
कैग रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा के अलावा अन्य विपक्षी दल भी अब इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो सकते हैं। सवाल यह है कि क्या अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार इन आरोपों से बच पाएगी, या फिर यह मामला उनकी राजनीतिक साख को गहरा नुकसान पहुंचाएगा?
आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


