अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली के लिए महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, जवाली में श्रद्धा-भक्ति से गूंजा वट वृक्ष परिसर



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा /कटघोरा वट सावित्री व्रत एवं पूजा का पावन पर्व ग्राम जवाली तहसील कटघोरा जिला कोरबा में श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। ग्राम के मौहार पारा स्थित वट वृक्ष के नीचे लगभग चार दर्जन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना के साथ विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। पूजा स्थल पूरे समय भक्ति, मंत्रोच्चार और धार्मिक आस्था से गुंजायमान रहा।
सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा धारण कर पूजा सामग्री के साथ वट वृक्ष स्थल पर पहुंचीं। तेज धूप के बावजूद महिलाओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सभी महिलाओं ने श्रद्धा भाव से वट वृक्ष की परिक्रमा कर सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण किया तथा परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना की।
पूजा कार्यक्रम रामेश्वर महाराज के दिशा-निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार, आरती एवं धार्मिक विधानों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने वट सावित्री व्रत के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह व्रत भारतीय सनातन संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है।


महिलाओं ने कथा के अनुरूप वट वृक्ष में पवित्र धागा बांधकर दीप प्रज्वलित किए और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि तथा अखंड सौभाग्य की कामना की। पूजा स्थल पर उपस्थित महिलाओं द्वारा भजन, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
ग्रामवासियों ने बताया कि जवाली में प्रतिवर्ष वट सावित्री पूजा बड़े उत्साह और सामाजिक सहभागिता के साथ आयोजित की जाती है। गांव की वरिष्ठ महिलाओं द्वारा नई पीढ़ी को परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं की जानकारी दी जाती है, जिससे भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है।
पूरे आयोजन में महिलाओं की आस्था, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक समरसता की सुंदर झलक देखने को मिली, जिसने ग्राम के धार्मिक वातावरण को और अधिक उल्लासमय बना दिया।


