February 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/  *स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार के सेवन से नौ वर्षीय शिवांश सिंह ने छोड़ा जिद्दीपना, चौथी क्लास में किया टॉप बच्चे के पिता दीपका निवासी शिवशंकर सिंह ने जताया आभार चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा का एवं संस्थान पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय को दिया साधुवाद साथ ही कहा सभी को अपने बच्चों को सेवन कराना चाहिये स्वर्ण बिंदु प्राशन।*

 

“चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए “बच्चे रहे स्वस्थ” योजनान्तर्गत नाड़ीवैद्य डॉ.नागेंद्र नारायण शर्मा द्वारा पतंजलि चिकित्सालय श्री शिव औषधालय महानदी काम्प्लेक्स निहारिका में दिनांक 14 जनवरी 2025 मंगलवार को अति शुभ भौम पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक इम्यूनाईजेसन प्रोग्राम के तहत स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार कराया गया। जिसमे अंचल के सैकड़ों बच्चे लाभान्वित होकर इसके अप्रत्याशित चमत्कारिक परिणाम का लाभ ले रहे हैं। इसी कड़ी में स्वर्ण प्राशन करा रहे नौ वर्षीय बालक शिवांश सिंह के पिताजी शिवशंकर सिंह ने बताया की मेरा बेटा शिवांश बहुत जिद्दी था।। कीसी की सुनता नहीं था। ऐसे में मैं उन्हें लेकर नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा के पास आया तो उन्होंने पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार कराने की सलाह दी। जिसके सेवन से मेरे बेटे का जिद्दीपना तो छुटा ही उसकी स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छी हो गई और वो पढ़ाई में भी मन लगाने लगा। स्वर्ण प्राशन करा रहे बालक शिवांश सिंह ने बताया की स्वर्ण प्राशन से मेरी याद करने क्षमता बढ़ी है। जिससे मैंने अपनी क्लास में टॉप किया है।

इसके लिए शिवांश के पिताजी शिवशंकर सिंह ने पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय संस्थान की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा एवं संस्थान के चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा का आभार प्रकट करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।साथ ही उन्होंने कहा की सभी लोगों को अपने बच्चों को स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार अवश्य कराना चाहिये। संस्थान के चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा ने बताया कि स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार बच्चों में किये जाने वाले 16 मुख्य संस्कारों में से स्वास्थ्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संस्कार है जो हजारो वर्ष पुरानी आयुर्वेदिक टीकाकरण पद्धति है। जिसका उल्लेख हमारे आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ काश्यप संहिता एवं सुश्रुत संहिता में प्रमुखता से है जो प्राचीन समय से चला आ रहा है। लेकिन अब यह संस्कार विलुप्त हो गया है जिसे पुनर्जीवित करने का प्रयास संस्थान द्वारा स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार के माध्यम से किया जा रहा है। जिससे स्वस्थ निरोगी समाज का निर्माण हो सके। स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार शिविर में नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा, श्री शिव औषधालय की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा के अलावा चक्रपाणि पांडेय, नेत्रनन्दन साहू, कमल धारिया, अश्वनी बुनकर, महेंद्र साहू, सिद्धराम सारथी, राकेश इस्पात, सरस्वती मिश्रा, एवं नेहा कंवर ने विशेष रूप से उपस्थित होकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.