जिले के खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) घोटाले में आया नया मोड़


jila it sah sanyojak 
* कैग रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा जानकारी के अनुसार कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) घोटाले में नया तथ्य सामने आया है। जिसके अंतर्गत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कोरबा जिले का नाम नहीं है, जबकि डीएमएफ से कराए गए कार्यों की परफॉरमेंस ऑडिट करानी आवश्यक थी।
रिपोर्ट के अनुसार, 2018 से 2023 तक कोरबा और दंतेवाड़ा जिलों में परफॉरमेंस ऑडिट नहीं की गई। निर्माण कार्यों में सबसे अधिक आपत्ति की गई है। इससे पहले, कोरबा जिला पूर्व कलेक्टर और आदिवासी विकास विभाग की पूर्व सहायक आयुक्त की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बता दे की कोरबा जिले में कोयला रॉयल्टी से खनिज विभाग को 2 हजार करोड़ से अधिक की राशि मिलती है, जिसमें से 40 प्रतिशत हिस्सा कोरबा जिले को मिलता है। लेकिन जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने खरीदी के साथ ही कई क्षेत्रों में काम कराया है, जिसका ऑडिट नहीं कराया गया है। इस मामले में ईडी ने 40 प्रतिशत कमीशन लेने की बात कही है, लेकिन अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ कि किन-किन लोगों ने कमीशन की राशि दी है और किन अधिकारियों में बांटा गया हैं।
# कैग रिपोर्ट में हुए कुछ बड़े खुलासे
* प्रदेश के 9 जिलों का ऑडिट किया गया, लेकिन उनमे कोरबा और दंतेवाड़ा का नाम नहीं
* निर्माण कार्यों में सबसे अधिक आपत्ति दर्ज
* प्रभावितों की सूची नहीं बनाई गई अब तक
* कोरोना काल में भी डीएमएफ से राशि खर्च की गई, लेकिन ऑडिट नहीं
* अस्पतालों में मशीन की हुई खरीदी, लेकिन नहीं किया गया उपयोग
बताया जा रहा हैं की इस मामले में आगे की जांच जारी है। संबंधित अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

