पीएलआर फार्मूले पर एसईसीएल कर्मियों का बोनस होगा तय



* सालाना बोनस का भुगतान किया जाता हैं दुर्गा पूजा के समय
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा दुर्गा पूजा के समय कोयला कर्मियों को मिलने वाले सालाना बोनस की राशि तय करने 29 सितंबर को स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक होगी। 3 अक्टूबर से नवरात्रि पर्व की शुरुआत हो रही है। इसी के मद्देनजर (पीएलआर) फार्मूले पर कोल कर्मियों का बोनस तय करने यह बैठक बुलाई गयी है।
एसईसीएल सहित कोल इंडिया की सहयोगी कोल कंपनियों के लगभग सवा दो लाख कर्मचारियों को सालाना बोनस का भुगतान करना है। हर साल दुर्गा पूजा से पहले कोयला कर्मियों को बोनस का भुगतान कर दिया जाता है। कोल इंडिया प्रबंधन के अधीकारियों व यूनियन प्रमुखों की बैठक में बोनस का निर्धारण किया जाता है। अधिकतम बोनस के भुगतान का निर्धारण होने के बाद पीएलआर फार्मूले पर कोयला कर्मियों का बोनस तय कर खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। बोनस निर्धारण को लेकर अब तक बैठक कोलकाता के कोल इंडिया के मुख्यालय में होती रही है, लेकिन पहली बार 29 सितंबर को दोपहर 3 बजे बोनस निर्धारण को लेकर स्टैंडराइनेशन कमेटी की बुलाई बैठक नई दिल्ली के स्कोप भवन में होगी। कोल इंडिया प्रबंधन ने कमेटी के सदस्यों को बैठक की सूचना जारी कर दी है। पिछले साल कोपला कर्मियों को दुर्गा पूजा के समय अधिकतम 85 हजार रुपए सालाना बोनस मिला था।
एसईसीएल के 36 हजार 790 कोयला कर्मचारियों को सालाना बोनस का लाभ मिलेगा। जिले में एसईसीएल कर्मचारियों की संख्या लगभग 11 हजार है। वहीं लगभग 7 हजार ठेका श्रमिक कार्यरत हैं, जिनके बोनस के भुगतान पर फैसला हो सकता है। यूनियनों की ओर से लगातार ठेका श्रमिकों के हितों के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। इससे यह उम्मीद बंधी है कि ठेका कर्मियों को भी बोनस के भुगतान का मुद्दा यूनियन नेता उठा सकते हैं।
स्टैंडराइनेशन कमेटी की बैठक में नियमित कर्मियों के बोनस का निर्धारण होने के बाद ठेका कर्मियों को बोनस के भुगतान की मांग उठ सकती है। सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड ने पहली बार ठेका कर्मियों को 5 हजार रूपए सालाना बोनस देने का निर्णय लिया है। नियमित कर्मियों को अधिकतम 1 लाख 90 हजार रुपए बोनस देने पर सहमति बन गई है। कोल इंडिया के कर्मचारियों को भी 1 लाख से अधिक बोनस की मांग उठ सकती है।

