August 18, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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(रायपुर में पदस्थ मध्य भारत के जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रवि जायसवाल के चिकित्सा कौशल से महिला को मिला जीवन दान)

चौथे स्टेज के एंडोमेट्रियल कैंसर ( गर्भाशय कैंसर) से जूझ रही, पेशे से अध्यापिका 55 वर्षीय महिला का कीमो- इम्यूनोथेरेपी से इलाज कर डॉक्टर रवि जायसवाल ने उन्हें नया जीवन दिया , उक्त महिला अब पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं तथा कैंसर जैसी भयावह बीमारी से छुटकारा पाकर अब सामान्य जीवन जी रही है।

 त्रिनेत्र टाइम्स रायपुर   रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर में कैंसर एवं रक्त रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टर रवि जायसवाल मध्य भारत के जाने-माने कैंसर एवं रक्त रोग विशेषज्ञ हैं , उन्होंने अपने चिकित्सकीय कौशल से अब तक सैकड़ो , हजारों कैंसर रोगियों को नया जीवन देकर उन्हें उज्जवल भविष्य की राह दिखाई है , डॉ रवि जायसवाल के सहायक चिकित्सक डॉक्टर पटेल बताते हैं कि पेशे से अध्यापिका ( प्रिंसिपल ) एक 55 वर्षीय महिला को चौथे स्टेज का एंडोमेट्रियल कैंसर डायग्नोज हुआ था, डॉ रवि जायसवाल के मार्गदर्शन में महिला का इलाज प्रारंभ किया गया तथा उनके इलाज में कीमो इम्युनोथेरेपी अपनाई गई , 15 माह तक इलाज चलने के पश्चात अब उक्त महिला पूर्ण स्वस्थ है तथा कैंसर से मुक्त हो चुकी है।

एंडोमेट्रियल कैंसर गर्भाशय कैंसर के लक्षण–

डॉक्टर रवि जायसवाल ने बताया कि गर्भाशय कैंसर के लक्षणों में प्रमुख लक्षण हैं रजो निवृत्ति से पहले मासिक धर्म के बीच योनि से रक्त स्राव होना , रजो निवृत्ति के बाद योनि से रक्त स्राव या धब्बे आना चाहे वह थोड़ी मात्रा में ही क्यों ना हो , पेट के ठीक नीचे दर्द व ऐंठन होना , रजो निवृत्ति के बाद भी पतला सफेद या स्पष्ट योनिस्राव होना तथा यदि उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो योनि से अत्यधिक लंबे समय तक भारी या बार बार रक्तस्त्राव होना… आदि है, किंतु अंतिम निदान विभिन्न चिकित्सकीय परीक्षणों के बाद ही किया जाता है।

एंडोमेट्रियल कैंसर के विभिन्न स्टेज —

डॉ रवि जायसवाल ने बताया कि एंडोमेट्रियल कैंसर (गर्भाशय कैंसर) के प्रमुख चार स्टेज होते हैं , प्रथम स्टेज में कैंसर गर्भाशय से आगे नहीं फैला होता , दूसरे स्टेज में कैंसर गर्भाशय ग्रीवा तक फैल जाता है , तो वहीं तीसरे स्टेज में कैंसर योनि, अंडाशय या लिम्फ नोड्स तक फैल जाता है, जबकि चौथी स्टेज में कैंसर मूत्राशय या गर्भाशय से आगे बढ़कर शरीर के अन्य अंगों तक फैल चुका होता है , डॉ रवि जायसवाल ने बताया कि जैसे-जैसे कैंसर का स्टेज बढ़ता जाता है तो इलाज भी जटिल होता जाता है , अतः जरूरी है कि कैंसर की समय पर जांच हो , ताकि अधिक जटिलता पैदा होने से पहले ही इलाज प्रारंभ हो सके।

सभी प्रकार के कैंसर का इलाज अब संभव —

डॉ रवि जायसवाल का कहना है कि एक समय था जब कैंसर को असाध्य रोग माना जाता था , किंतु अब ऐसा नहीं है , सभी प्रकार के कैंसर का इलाज अब पूर्ण संभव है , आवश्यकता केवल इस बात की है कि, समय पर रोग का निदान हो तथा उसका उचित देखरेख में इलाज हो , उन्होंने कहा कि मरीज या उनके परिजनों को कैंसर से डरने की जरूरत नहीं है , केवल आवश्यकता यह है कि रोग का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरा इलाज किया जाए , मरीज को डॉक्टर व अस्पताल स्टाफ के साथ-साथ उसके परिजनों – मित्रों का भी पूरा सपोर्ट मिले।

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