कोरबा जिले की खुली कोयला खदानों से रोजाना 4 लाख टन से ज्यादा हो रहा कोयला उत्पादन



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा मानसून में देरी से जून के दूसरे पखवाड़े में भी जिले की खुली कोयला खदानों की बदौलत एसईसीएल 4 लाख 50 हजार टन से ज्यादा रोजाना कोयला उत्पादन कर रहा हैं। बुधवार को 4 लाख 70 हजार टन के मुकाबले एसईसीएल ने 4 लाख 78 हजार टन कोयला उत्पादन किया है। इस तरह रोजाना का लक्ष्य हासिल करते हुर कोल कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 37 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर लिया है जिसमें जून में अब तक 9 मिलियन टन कोल उत्पादन हो चुका हैं।
इस बार प्री-मानसून की बारिश कमजोर रही है और अब मानसून भी जिले में देरी से दस्तक देगा। 15 जून तक मानसून जिले में पहुंचता है। लेकिन इस बार देरी के कारण जून के दूसरे पखवाड़े में भी खुली खदानों की बदौलत एसईसीएल 4 लाख 50 हजार टन से अधिक कोयला उत्पादन कर रोजाना के लक्ष्य को पाने में सफल हुआ है। वर्ष में 206 मिलियन टन के टारगेट को हासिल कहने में सहायक बनेगी। हालांकि एसईसीएल की जिले में स्थित मेगा कोयला खदान गेवरा, कुसमुंडा, दीपका ने मानसून के मद्देनजर प्लान तैयार कर लिया है। मुख्यालय से भी सीएमडी डॉ. प्रेमसागर मिश्रा के अलावा निदेशक मंडल के अधिकारी दौरा कर चुके हैं।
इस दौरान एरिया कोर टीम से प्लान की जानकारी ले चुके हैं। बारिश होने पर खुली खदानों का कोयला खनन प्रभावित होता है। लेकिन इस बार मानसून में देरी से जून के दूसरे पखवाड़े में 4 लाख 50 हजार टन से अधिक उत्पादन करने में एसईसीएल कामयाब रही हैं। प्री-मानसून की बारिश अब तक कमजोर रहने से खुली मुहाने की कोयला खदानों से बेहतर उत्पादन जारी है।

