कोरबा चौपाटी को गढ़कलेवा में शिफ्ट करने से नाराज व्यापारियों ने की हड़ताल



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा अंचल के निहारिका क्षेत्र में चौपाटी के व्यापारी निगम पर दबाव बनाने में लगे हैं कि कामकाज पुरानी जगह पर जारी रहने दिया जाए। इसके पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं और तर्क दिए जा रहे हैं। उनके द्वारा घोषणा की गई है कि तीन दिन से उनकी दुकानें बंद हैं और आगे भी वे किसी प्रकार का व्यवसाय नई जगह पर नहीं करेंगे। कारोबार करने वाला वर्ग इस बात को कह रहा है कि गढ़कलेवा में उन्हें शिफ्ट करने के लिए योजना बनाई गई है वहां पर ग्राहकों की उपस्थिति ना के बराबर होती है, उन्होंने नगर निगम से इस मामले में एक बार पुनः विचार करने कहा है।
* यातायात का सबसे बड़ा मसला
नगर निगम और यातायात पुलिस ने इस बात को महसूस किया है कि ओपन थिएटर से लेकर घंटाघर के आसपास के इलाके में सड़क के किनारे लगने वाली स्ट्रीट फूड की दुकानों से समस्या पैदा हो रही है। शाम से लेकर रात तक यहां यातायात बाधित होने और लोगों को परेशान होता देखा गया है। कई स्तर पर परीक्षण करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि किसी भी कीमत पर मुख्य मार्ग पर और ओपन थिएटर क्षेत्र में चौपाटी नहीं चलाई जाएगी।
* मुख्य मार्ग के दुकानों पर भी होनी चाहिए कार्यवाही
चौपाटी के व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम की कार्यवाही हमेशा छोटे व्यापारियों पर ही होती है। यातायात संबंधित परेशानियों को लेकर हमें गढ़ कलेवा में शिफ्ट करने को कहा जा रहा है परंतु मुख्य मार्ग पर स्थित दुकानों के द्वारा सड़कों तक सामान फैला कर अपना व्यवसाय किया जा रहा है। जिससे भी यातायात प्रभावित होता है लेकिन इन दुकानदारों पर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जाती है।
वही दुसरी और नगर निगम का कहना हैं की गढ़कलेवा में चौपाटी की शिफ्टिंग आमजनता व खुद व्यवसायियों के हित में हैं। नगर निगम कोरबा द्वारा गढ़कलेवा को नए सिरे से पुनः व्यवस्थित किया गया है, जिसके अंतर्गत पानी बिजली व साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
नगर निगम और यातायात पुलिस का कहना हैं की घंटाघर, निहारिका, बुधवारी मार्ग की बिगड़ी यातायात व्यवस्था सुधारने चौपाटी की गढ़कलेवा में शिफ्टिंग आवश्यक हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर में ठेला गुमठी लगाकर व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों को सुविधापूर्ण रूप से व्यवसाय संचालन करने के लिए शासन की योजना के तहत स्मृति उद्यान के पीछे सर्वसुविधा युक्त गढकलेवा का निर्माण कराया गया था, कोरोनाकाल से पूर्व शहर के घंटाघर निहारिका क्षेत्र के गुमठी ठेला संचालकों को गढ़कलेवा में स्थल आबंटित कर उन्हें वहॉं पर शिफ्ट किया गया था, जहॉं पर वे अपना व्यवसाय संचालन करते थे। कोरोनाकाल में दुकानें बंद रही, तत्पश्चात कोरोनाकाल के बाद व्यवसायियों द्वारा गढ़कलेवा में न जाकर पुनः घंटाघर ओपन आडिटोरियम मैदान में दुकानों का संचालन किया जाने लगा। उक्त स्थान पर दुकानों के संचालन से निहारिका घंटाघर बुधवारी मार्ग पर शाम के समय भारी आवागमन होता है तथा वहॉं की यातायात व्यवस्था बिगड़ती है, नगर निगम केरबा द्वारा गढ़कलेवा में आवश्यक मरम्मत कार्य कर उसे फिर से व्यवस्थित किया गया है तथा पानी, बिजली व साफ-सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराकर मैदान में लगने वाले गुमठी, ठेलों के संचालकों से पुनः गढ़कलेवा में शिफ्ट होने को कहा गया है।
मैदान में अव्यवस्थित रूप से लगने वाली चौपाटी के कारण घंटाघर निहारिका रोड की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को देखते हुए गढ़कलेवा में उसकी शिफ्टिंग आमजन मानस भी चाहता है। मैदान में लगने वाले ठेले गुमठी व चौपाटी को गढ़कलेवा में शिफ्ट किए जाने में इन संबंधित व्यवसायियों का भी हित निहित है। घंटाघर ओपन आडिटोरियम मैदान में समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमां की वजह से इन ठेले गुमठी संचालकों को वहॉं से हटना पड़ता है, जिसमें उन्हें अनावश्यक असुविधा भी होती है। गढ़कलेवा में इनकी शिफ्टिंग से उन्हें बार-बार अपनी दुकान हटाने की नौबत नहीं आएगी तथा उन्हें व्यवसाय संचालन के लिए स्थाई रूप से सर्वसुविधा युक्त स्थल प्राप्त होगा, जहॉं पर वे निश्चित होकर अपना व्यवसाय कर सकेंगे।
चूंकि गढ़कलेवा को व्यवस्थित रूप से बनाया गया है, वहॉं पर आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई गई है, गढ़कलेवा के ठीक बाहर पार्किंग की भी व्यवस्था हैं, अतः स्वाभाविक रूप से गढ़कलेवा के प्रति लोगों का आकर्षण बढे़गा तथा व्यवसायियों के ग्राहकों में वृद्धि होगी, प्रारंभ में व्यवसायीगण भले ही गढ़कलेवा में जाने में हिचक रहे हो किन्तु एक बार वहॉं व्यवस्थित हो जाने व व्यवसाय के सुचारू संचालन होने के पश्चात वे खुद प्रशासन के इस निर्णय से सहमत होगें।

