कोरबा जिले के पंचायत सचिवों ने वेतन एवं अन्य मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन



* एक सप्ताह के भीतर निराकरण नहीं होने पर जारी रहेगा “काम बंद-कलम बंद” आंदोलन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिवों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर जिला पंचायत के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत किया है। सचिवों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों का समाधान एक सप्ताह के भीतर नहीं किया गया, तो वे “काम बंद-कलम बंद” आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। सचिवों में साफ नाराजगी भी देखे जा रही हैं।
* प्रधानमंत्री आवास योजना के कारण वेतन रोकने की समस्या
प्रदेश पंचायत सचिव संघ जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह कंवर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति न ला पाने वाले सचिवों का 2 माह का वेतन रोक दिया गया है। सचिवों का कहना है कि उन्हें इस वेतन का भुगतान तुरंत किया जाए।
* वेतन भुगतान की निश्चित तारीख की रखी मांग
सचिवों ने यह भी मांग की है कि उनके वेतन का भुगतान एक निश्चित तारीख को किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें हर महीने वेतन के लिए मांग करनी पड़ती है और जिला पंचायत के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। निश्चित तारीख पर वेतन न मिलने से बैंक से लिए गए कर्ज का भुगतान समय पर नहीं हो पाता, जिससे सचिव और उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
* लंबित वेतन का भुगतान
कोरबा जिले के पंचायत कटघोरा, कोरबा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा और करतला में कार्यरत सचिवों का लंबित वेतन अब तक भुगतान नहीं किया गया है। सचिवों ने आग्रह किया है कि यह लंबित वेतन तुरंत जारी किया जाए।
* एरियर्स राशि का भुगतान
सचिवों ने कहा कि सरकार द्वारा एरियर्स राशि के भुगतान के लिए जिला को आवंटन राशि जारी कर दी गई है, लेकिन तीन महीने बीतने के बावजूद आज तक एरियर्स राशि का भुगतान नहीं किया गया है। सचिवों ने मांग की है कि एरियर्स राशि का भुगतान तुरंत किया जाए।
सचिवों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान एक सप्ताह के भीतर नहीं किया गया, तो वे “काम बंद-कलम बंद” आंदोलन करने बाध्य होंगे।

