February 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

*पानी का पर्याप्त मात्रा मे करें सेवन-डॉ.नागेन्द्र शर्मा।*

*ग्रीष्म ऋतु में बाहर घूमने एवं अत्यधिक श्रम से बचें- डॉ. नागेन्द्र शर्मा।*

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा लायंस क्लब कोरबा द्वारा लायंस स्कूल में सामान्य सभा आयोजित की गयी। जिसका शुभारंभ ध्वजवंदना के साथ लायन शहनाज शेख ने कीया। उसके पश्चात क्लब की प्रशासनिक एवं सेवा गतिविधियों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। चर्चा के पश्चात ग्रीष्म ऋतु में कैसा रहे खान-पान इस विषय पर परिचर्चा केे लिए लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के सचिव, अंचल के ख्यातिलब्ध आयुर्वेदाचार्य नाड़ी वैद्य लायन डाॅ.नागेन्द्र नारायण शर्मा जी को आमंत्रित किया गया।कोषाध्यक्ष लायन रविशंकर सिंह, पूर्व अध्यक्ष लायन राजकुमार अग्रवाल (उत्सव), एमजेएफ लायन राजकुमार अग्रवाल (श्वेता) ने पुष्पगुच्छ भेंटकर लायन डाॅ.नागेन्द्र नारायण शर्मा का स्वागत किया। उसके पश्चात लायन डाॅ. नागेन्द्र नारायण शर्मा ने ग्रीष्म ऋतु में कैसा रहे खान-पान इस विषय पर स्वास्थ्य जागरुकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संबंधित विषय पर वक्तव्य दिया।

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक ऋतु में विशेष तरह के खान-पान का वर्णन किया गया है जिसे अपनाकर हम स्वस्थ्य रह सकते है। भारतीय परंपरा में ऋतुचर्या यानी ऋतुनुसार आहार-विहार करने की परंपरा रही है। यह संस्कार हमें विरासत में मिला है। अभी ग्रीष्म ऋतु चल रही है। इस ऋतु में हमें अपने आहार-विहार पर विशेष ध्यान देना चाहिये। ग्रीष्म ऋतु में सूर्य अत्यधिक गर्म रहता है जो अपनी किरणों से धरती की शीतलता को सोख लेता है। जिसके कारण जल का स्तर गिरने लगता है। अतः हमे जल संरक्षण के उपाय करने के साथ-साथ अपने शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिये शीतल जल (मटके अथवा सुराही) का पर्याप्त मात्रा मे सेवन करना चाहिए। जिससे शरीर में पानी की कमी न हो और हमारे शरीर का तापमान ऋतु अनुसार नियंत्रित रहे। ग्रीष्म ऋतु में हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। ऐसे में इस ऋतु में अत्यधिक तला, भुना, ज्यादा मिर्च-मसाले वाले भोज्य पदार्थों का का सेवन नहीं करना चाहिये। इस ऋतु में बाहर घूमना एवं अत्यधिक श्रम करने से भी बचना चाहिये। ग्रीष्म ऋतु में प्रात: काल का पहला भोजन जल्दी लेना चाहिये। ग्रीष्म ऋतु में मे मधुर रस युक्त भोज्य पदार्थ, बेल, नारियल, सत्तु, तरल आहार, छाछ, आम का पना, रसदार फलों और जूस का सेवन उचित माना गया है। ग्रीष्म ऋतु में दिन बड़े होने के कारण सूर्योदय से सूर्यास्त के मध्य भोजन कर लेना चाहिये। रात्रि भोजन से बचना चाहिए। कार्यक्रम के आयोजन मे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही क्लब अध्यक्ष लायन मीना सिंह,पीएमसीसी एमजेएफ लायन जयप्रकाश अग्रवाल, जोन चेयरमेन एमजेएफ लायन एस.के.अग्रवाल एवं रीजन जीएसटी लायन कामायनी दुबे का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में शानदार मंच संचालन लायन संतोष खरे जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. नागेन्द्र शर्मा के सहयोगी देवबली कुम्भकार ने भी अपनी सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम पश्चात डॉ नागेंद्र शर्मा जी को लायन सत्येन्द्र वासन, लायन मधु पाण्डेय, लायन रामगोपाल डिक्सेना अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। देवबली कुंभकार को ला.शिव अग्रवाल, ला.नन्दकिशोर अग्रवाल, ला.रोहित राजवाड़े जी द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया । इस अवसर पर ला.अरविन्द साहू, ला. मनमोहन यादव, ला.ममता वासन, ला.अनिमा प्रसाद, ला.सुमन सोनी, ला.भगवती गोयनका, ला.मनोज अग्रवाल, ला.दीपक माखीजा, ला.कान्ता अग्रवाल, ला.मीना अग्रवाल, ला.सैयद फरियाद अली, ला.दीपक अग्रवाल, ला.दिनेश राठौर, ला.रमेश शर्मा एवं बड़ी संख्या में लायंस क्लब कोरबा के पदाधिकारियों तथा लायन सदस्यों ने स्वास्थ्य से संबंधित इस महत्वपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये इस विशेष स्वास्थ्य परिचर्चा सत्र को रखने के लिये क्लब अध्यक्षा लायन मीना सिंह जी को धन्यवाद दिया और आगे भी क्लब की सभाओं में इस तरह का आयोजन रखने हेतु अनुरोध भी किया। जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुये क्लब अध्यक्षा लायन मीना सिंह ने इस तरह का आयोजन प्रत्येक तीन से चार महीने में कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत मे अप्रैल एवं मई माह में लायंस क्लब कोरबा के जिन लायन सदस्यों का जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ थी उनके साथ केक कटिंग कर मिठाई वितरित कर सभा का समापन किया गया।

 

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