February 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा कोयला लादान को हाईटेक बनाने के लिए एसईसीएल प्रबंधन लगा हुआ है। इसके तहत खदान के भीतर से साइलो तक कोयला लाने के लिए इन पिट कन्वेइंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इस कार्य पर लगभग 544 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर एसईसीएल मुख्यालय की नजर है। यह परियोजना कोल इंडिया की फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी का हिस्सा है।
पिछले दिनों कंपनी के तकनीकी निदेशक सह योजना परियोजना एस.एन. कापरी ने कुसमुंडा खदान का दौरा किया। इन पिट कन्वेइंग सिस्टम के निर्माण कार्य को देख उसे समय सीमा में पूरा करने के लिए कहा। उम्मीद जताई जा रही हैं कि इन पिट कन्वेइंग सिस्टम का काम इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत कुसमुंडा खदान में दो आरसीसी बंकर का निर्माण किया जाना है। यहां से 40 हजार टन कोयला बंकर के जरिए कन्वेयर बेल्ट होकर साइलो तक पहुंचेगा। साइलो से कोयला मालगाड़ी के डिब्बों में भरा जाएगा। इन पिट कन्वेइंग सिस्टम की लंबाई 10 किलोमीटर होगी। बंकर से साइलो के बीच दो कन्वेयर बेल्ट बिछाई जाएगी।
प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि कुसमुंडा खदान की फेस से कोयला बंकर से होकर इन पिट कन्वेइंग सिस्टम के जरिए साइलो तक पहुंचेगा। इससे खदान के भीतर से कोयला लेकर स्टॉक तक आने वाली गाडियों की संख्या में कमी आएगी। फेस से कोयला खदान के भीतर ही बंकर में गिरेगा। यहां से कन्वेयर बेल्ट के जरिए साइलो को दिया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि इन पिट कन्वेइंग सिस्टम तैयार होने से कोल डस्ट को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। लोडिंग में तेजी आएगी। रेल रैक के जरिए होने वाला परिवहन आसान हो जाएगा।

 

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.