कत्थक की थाप पर खुशी पड़वार ने रचा सफलता का नया इतिहास, क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव में हासिल किया द्वितीय स्थान
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जिला, संभाग और राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर क्षेत्रीय मंच तक पहुंचीं खुशी ने कोरबा का बढ़ाया गौरव, शानदार उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। प्रतिभा, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर कोरबा की होनहार छात्रा खुशी पड़वार ने एक बार फिर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। मध्यप्रदेश के अशोकनगर (मालवा क्षेत्र) में आयोजित क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव-2026 में सरस्वती शिशु मंदिर, सीएसईबी कोरबा ईस्ट की छात्रा खुशी पड़वार ने कत्थक नृत्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। क्षेत्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशज संस्कृति, भारतीय शास्त्रीय नृत्य और कलात्मक अभिव्यक्ति के बीच खुशी की इस उपलब्धि ने कोरबा का मान बढ़ाया है।
संत रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में सरस्वती शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित इस पांच स्तरीय प्रतियोगिता में खुशी का सफर बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने सफलता की शुरुआत जिला स्तर से की, जहां अपने उत्कृष्ट नृत्य प्रदर्शन के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद अकलतरा में आयोजित संभाग एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय देते हुए लगातार प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन उपलब्धियों के आधार पर उन्होंने क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी जगह सुनिश्चित की और अशोकनगर में आयोजित अंतिम स्पर्धा में द्वितीय स्थान प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया।
खुशी पड़वार की यह उपलब्धि महज एक प्रतियोगिता में प्राप्त स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनकी निरंतर मेहनत, समर्पण, अनुशासन और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति गहरी रुचि का परिणाम है। जिला स्तर से लेकर क्षेत्रीय मंच तक लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने यह साबित किया कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास का साथ मिले तो सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।

खुशी की इस शानदार सफलता से सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा ईस्ट के विद्यालय परिवार, शिक्षकों, परिजनों और क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। सभी ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। खुशी पड़वार की यह सफलता कोरबा की उभरती प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और नगर के सांस्कृतिक गौरव में एक नया अध्याय जोड़ती है।
