सफेद कोट पहनते ही शुरू हुई डॉक्टर बनने की जिम्मेदारी, देहदान करने वालों को प्रथम गुरु मान एमबीबीएस विद्यार्थियों ने ली कैडेवरिक शपथ
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा में व्हाइट कोट समारोह का आयोजन, चिकित्सा सेवा के साथ करुणा, नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं को जीवन का संकल्प बनाने का दिया संदेश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा, 4 नवंबर 2026। सफेद कोट केवल चिकित्सक की पहचान नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, संवेदनशीलता और मानव जीवन के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा में एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए व्हाइट कोट एवं कैडेवरिक शपथ समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर भावी चिकित्सकों ने चिकित्सा शिक्षा के प्रथम गुरु देहदान करने वाले महानुभावों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कैडेवरिक शपथ ग्रहण की।
समारोह में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. के.के. सहारे, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद मसीह लकड़ा, प्राध्यापकगण, नवप्रवेशित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। समारोह का वातावरण उत्साह, गरिमा और भावनात्मक संवेदनाओं से परिपूर्ण रहा। विद्यार्थियों के लिए यह अवसर केवल सफेद कोट धारण करने का नहीं, बल्कि चिकित्सा के कठिन, जिम्मेदारीपूर्ण और सेवाभावी सफर की औपचारिक शुरुआत का भी साक्षी बना।

देहदान करने वाले बने भावी चिकित्सकों के प्रथम गुरु
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक पक्ष कैडेवरिक शपथ रहा। चिकित्सा शिक्षा में देहदान करने वाले व्यक्तियों को प्रथम गुरु का सम्मान दिया जाता है, क्योंकि उनके शरीर के माध्यम से विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना और चिकित्सा विज्ञान की बारीकियों को समझते हैं। विद्यार्थियों ने उनके अमूल्य योगदान के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए यह संदेश आत्मसात किया कि चिकित्सा ज्ञान की नींव त्याग, विश्वास और मानवता के सम्मान पर टिकी है।
सफेद कोट के साथ सेवा और नैतिकता की जिम्मेदारी
समारोह के दौरान अतिथियों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सक का दायित्व केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखना भी है। चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान और कौशल के साथ ईमानदारी, करुणा, धैर्य, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विशेष महत्व है। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने अध्ययनकाल में अनुशासन और समर्पण को प्राथमिकता दें तथा भविष्य में समाज के प्रत्येक वर्ग को बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने का संकल्प लेकर आगे बढ़ें।
डॉक्टर बनने के सपने की यादगार शुरुआत
व्हाइट कोट समारोह ने एमबीबीएस बैच 2026 के विद्यार्थियों के लिए एक नई पहचान और नई जिम्मेदारी का अनुभव कराया। अभिभावकों के लिए भी यह गौरवपूर्ण अवसर रहा, जब उनके बच्चों ने चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अपने भविष्य की पहली औपचारिक शपथ ली। समारोह ने भावी चिकित्सकों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि सफेद कोट की गरिमा उसके रंग में नहीं, बल्कि उसे धारण करने वाले व्यक्ति के आचरण, संवेदनशीलता और सेवा भावना में होती है।
इस आयोजन के साथ ही एमबीबीएस बैच 2026 के विद्यार्थियों की चिकित्सकीय यात्रा ने एक प्रेरणादायक शुरुआत की। अब उनके सामने चिकित्सा विज्ञान में दक्षता हासिल करने के साथ मानवता की सेवा, मरीजों का विश्वास जीतने और चिकित्सा पेशे की गरिमा बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
