महादेव सट्टा एप मामले में भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा– पाप का घड़ा फूटा तो बेनकाब होने के डर से कांप रहे सट्टे के अदृश्य आका
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डॉ. विजयशंकर मिश्रा का भूपेश बघेल पर करारा पलटवार, बोले– 72 एफआईआर के दावे के बावजूद कैसे फलता-फूलता रहा सट्टे का अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट?
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। महादेव सट्टा एप के मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं द्वारा जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा कि महादेव सट्टा एप के मामले में अब कानून का शिकंजा कस रहा है तो कांग्रेस नेताओं की बेचैनी और घबराहट सामने आने लगी है। जिस काले कारोबार को कांग्रेस शासनकाल में फलने-फूलने का अवसर मिला, आज उसी मामले में कार्रवाई होते देख कांग्रेस नेता जनता का ध्यान भटकाने और विक्टिम कार्ड खेलने में जुटे हैं।
डॉ. मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 72 एफआईआर दर्ज कराने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तव में प्रभावी कार्रवाई हो रही थी तो महादेव सट्टा सिंडिकेट लगातार इतना बड़ा कैसे होता गया? एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस नेटवर्क का विस्तार कैसे होता रहा? भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केवल एफआईआर दर्ज कराना कार्रवाई का प्रमाण नहीं हो सकता। असली सवाल यह है कि इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण किसका प्राप्त था और इसके पीछे बैठे प्रभावशाली चेहरे कौन थे?
उन्होंने सवाल उठाया कि दुबई से लेकर रायपुर तक फैले इस सट्टा नेटवर्क का असली मालिक कौन है? इसके तार किन लोगों से जुड़े थे और किनके प्रभाव में यह कारोबार फलता-फूलता रहा? डॉ. मिश्रा ने कहा कि मुख्य आरोपी की रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि जांच की आंच सत्ता के गलियारों तक पहुंचती है तो पर्दे के पीछे बैठे कथित संरक्षणदाताओं की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं और संधियों को पूरा कर आरोपी को भारत लाना केंद्र की मोदी सरकार और वर्तमान राज्य सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस मामले में कांग्रेस शासनकाल में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी, उसमें अब कानून आगे बढ़ रहा है तो कांग्रेस नेताओं को जवाबदेही से बचने के बजाय जांच में सहयोग करना चाहिए।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सीबीआई और ईडी जैसी जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर अपना काम कर रही हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किसके संरक्षण में प्रदेश में सट्टे का इतना बड़ा नेटवर्क खड़ा हुआ और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों को किसका साथ मिलता रहा।
अंत में भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि महादेव सट्टा एप का मामला केवल एक ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश की साख और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। अब सवालों से बचने और राजनीतिक बयानबाजी करने से काम नहीं चलेगा। जनता को जवाब चाहिए कि इस पूरे सिंडिकेट के पीछे असली चेहरे कौन हैं। पाप का घड़ा भर चुका है, अब कानून अपना काम कर रहा है और सट्टे के कथित संरक्षकों को भी जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाना चाहिए।
