November 3, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

 

 

गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचेगा जागरूकता का संदेश, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और जनसंपर्क से लोगों को बताए जाएंगे बचाव, जांच एवं उपचार के उपाय

 त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//  कोरबा। एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से जिले में जनजागरूकता अभियान को गति दी जा रही है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रचार-प्रसार रथ एवं कला जत्था दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अभियान के माध्यम से जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, जांच और उपचार की सही जानकारी दी जाएगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कला जत्था दल को भी जनजागरूकता के लिए रवाना किया गया। अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और प्रत्यक्ष जनसंपर्क के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाए जाएंगे।

 

 

 

जागरूकता अभियान के प्रमुख उद्देश्य

1. एचआईवी/एड्स को लेकर भ्रांतियां दूर करना: समाज में आज भी एचआईवी/एड्स को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं प्रचलित हैं। सही वैज्ञानिक जानकारी देकर इन भ्रांतियों को दूर करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

2. संक्रमण के कारणों की सही जानकारी: एचआईवी संक्रमण किन परिस्थितियों में फैलता है और किन सामान्य गतिविधियों से नहीं फैलता, इसकी स्पष्ट जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि अनावश्यक डर और गलतफहमियां समाप्त हों।

3. बचाव के उपायों पर विशेष जोर: सुरक्षित व्यवहार, संक्रमित रक्त से बचाव, जांचे हुए रक्त का उपयोग तथा चिकित्सकीय सुरक्षा मानकों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी जाएगी।

4. समय पर जांच के लिए प्रेरित करना: एचआईवी की स्थिति जानने के लिए समय पर जांच कराना बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों को उपलब्ध जांच सुविधाओं और परामर्श सेवाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।

5. उपचार के प्रति जागरूकता: एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी उचित चिकित्सकीय देखभाल और नियमित एंटीरेट्रोवायरल उपचार (एआरटी) के माध्यम से स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन जी सकता है। इस महत्वपूर्ण संदेश को आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

6. भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार पर रोक: एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्हें सम्मान, सहयोग और समान अधिकार मिलना आवश्यक है।

7. युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच: विशेष रूप से युवाओं, किशोरों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक सरल भाषा में सही जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

 

 

नुक्कड़ नाटक और गीत-संगीत से मिलेगा जागरूकता का संदेश

इस अभियान की खास बात यह है कि केवल प्रचार सामग्री के माध्यम से नहीं, बल्कि कला जत्था दल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और जनसंवाद के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य संबंधी विषयों को सरल एवं सहज तरीके से समझाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग जानकारी प्राप्त कर सकें और उसे अपने जीवन में अपनाएं।

इस अवसर पर डॉ. श्रीमती बी. तिग्गा, आरसीएच नोडल, पद्माकर शिंदे, डीपीएम, डॉ. रविकांत राठौर, नोडल अधिकारी एड्स नियंत्रण कार्यक्रम, डॉ. अतीक सिद्दीकी, डॉ. सी.के. सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

कलेक्टर और सीएमएचओ की नागरिकों से अपील

कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले कला जत्था दल के कार्यक्रमों में भाग लें और एचआईवी/एड्स से संबंधित सही जानकारी प्राप्त करें। जागरूकता ही बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सही जानकारी अपनाकर स्वयं, अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.