पुलिया के अभाव में 4 किलोमीटर का रास्ता पड़ रहा 15 किलोमीटर तक भारी! कोरजा नाला बना पतंरापाली के ग्रामीणों की मुसीबत
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बरसात में नाला पार करना जोखिम भरा, विद्यार्थियों की पढ़ाई से लेकर राशन तक पर संकट; ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, पुलिया निर्माण और गांव में वैकल्पिक राशन वितरण की उठाई पुरजोर मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। विकास के दावों के बीच आज भी ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना रही है। करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत बरकोन्हा के आश्रित ग्राम पतंरापाली के ग्रामीणों की परेशानी इसका उदाहरण है। यहां कोरजा नाला पर पुलिया नहीं होने से महज 3.50 से 4 किलोमीटर का रास्ता ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थिति यह है कि नाला पार करने का सीधा रास्ता बंद होने पर लोगों को लगभग 12 से 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। यह केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, खाद्यान्न व्यवस्था और ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा गंभीर मामला है।
इस समस्या को लेकर पतंरापाली के समस्त ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि कोरजा नाला पर पुलिया का निर्माण कराया जाए और जब तक निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक गांव में ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान के राशन वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
चार किलोमीटर का सफर, लेकिन तय करनी पड़ रही 15 किलोमीटर तक की दूरी
पतंरापाली से बरकोन्हा की दूरी लगभग 3.50 से 4 किलोमीटर है, लेकिन बीच में पड़ने वाला कोरजा नाला ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। नाले पर पुलिया नहीं होने के कारण लोगों को दूसरे रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। रोजमर्रा के कामों के लिए इतनी अतिरिक्त दूरी तय करना ग्रामीणों के समय, श्रम और संसाधनों पर भारी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक छोटी-सी बुनियादी सुविधा के अभाव में पूरा गांव अनावश्यक परेशानी झेलने को मजबूर है।
बरसात में कोरजा नाला बन जाता है बड़ी बाधा, बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर
इस समस्या का सबसे गंभीर असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। पतंरापाली के बच्चे बरकोन्हा एवं नोनदरहा के विद्यालयों में पढ़ने जाते हैं। सामान्य दिनों में भी उन्हें आवागमन की परेशानी होती है, लेकिन वर्षा ऋतु में कोरजा नाला पार करना बेहद कठिन और जोखिम भरा हो जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चों की स्कूल पहुंच प्रभावित होती है और उनकी पढ़ाई बाधित होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब बच्चों के विद्यालय पहुंचने का रास्ता ही सुरक्षित नहीं होगा, तो उनकी नियमित शिक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?

राशन लेने के लिए भी ग्रामीणों को उठानी पड़ती है भारी परेशानी
पतंरापाली के ग्रामीणों की मुश्किलें केवल आवागमन तक सीमित नहीं हैं। शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त करने के लिए भी उन्हें बरकोन्हा जाना पड़ता है। पुलिया के अभाव में राशन लेने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया निर्माण होने तक पात्र राशनकार्डधारियों को गांव में ही राशन उपलब्ध कराने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
भद्रापारा और अमरताल मोहल्ले की निर्भरता भी इसी रास्ते पर
पतंरापाली के भद्रापारा एवं अमरताल मोहल्ले के निवासी भी इसी मार्ग पर निर्भर हैं। ऐसे में कोरजा नाला पर पुलिया का अभाव केवल कुछ परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आवागमन व्यवस्था से जुड़ी समस्या है। पंचायत से संबंधित कार्यों, शिक्षा, राशन और अन्य आवश्यकताओं के लिए ग्रामीणों को इसी मार्ग की जरूरत पड़ती है।
ग्रामीणों की दो प्रमुख मांगें, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई का आग्रह
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, कोरजा नाला पर पुलिया निर्माण के लिए तत्काल स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण कराया जाए और आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य आगामी वर्षा ऋतु से पहले पूरा कराया जाए।
दूसरी, जब तक पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक पतंरापाली के पात्र राशनकार्डधारियों को गांव में ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान का राशन उपलब्ध कराने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी परिवार को खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
अब प्रशासन की पहल का इंतजार, क्या बरसात से पहले बनेगी पुलिया?
ग्रामीणों ने कलेक्टर से दोनों मांगों पर प्राथमिकता से संज्ञान लेने, संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है और कोरजा नाला पर पुलिया निर्माण की दिशा में कब ठोस कदम उठाए जाते हैं।
ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं चाहिए, बल्कि सुरक्षित रास्ता, बच्चों के लिए सुगम आवागमन और गांव में राशन की उपलब्धता जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए। सवाल सिर्फ एक पुलिया का नहीं, बल्कि पतंरापाली के ग्रामीणों की शिक्षा, सुविधा और सम्मानजनक जीवन का है।
ज्ञापन सौंपने वाले: समस्त ग्रामवासी पतंरापाली, ग्राम पंचायत बरकोन्हा, विकासखंड करतला, जिला कोरबा।
