स्कूलों से महज 100 मीटर दूर मौत का अवैध कारोबार! कटसीरा में महुआ-कच्ची शराब का खुलेआम खेल, बच्चों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
1 min read
स्कूल की दहलीज के पास शराबियों का जमावड़ा, छात्र-छात्राओं में भय और गांव का माहौल अशांत; सरपंच विमला बाई कंवर ने कलेक्टर से लगाई अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध की गुहार
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत कटसीरा में अवैध महुआ और कच्ची शराब का कारोबार अब केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे स्कूली बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा के वातावरण और गांव के सामाजिक भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल बन गया है। गांव में शासकीय हाई स्कूल और शासकीय माध्यमिक शाला संचालित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन शिक्षण संस्थानों से महज 100 मीटर की दूरी पर कथित रूप से अवैध शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही है। स्कूल के आसपास शिक्षा का माहौल होना चाहिए, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत है कि यहां बाहरी लोगों का जमावड़ा और शराबखोरी से अशांति का वातावरण बन रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम पंचायत कटसीरा की सरपंच श्रीमती विमला बाई कंवर ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर गांव में अवैध रूप से बनाई और बेची जा रही महुआ एवं कच्ची शराब पर तत्काल तथा पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है।
स्कूल के पास शराब का कारोबार, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, स्कूल से महज 100 मीटर की दूरी पर शराब का अवैध कारोबार संचालित होने से रोजाना बाहरी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। शराब पीने के बाद कुछ लोगों द्वारा अशांति फैलाने की बात भी सामने आई है। ऐसे माहौल में स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं के मन में भय बना हुआ है।
सवाल यह है कि जिन स्थानों पर बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित भविष्य मिलना चाहिए, वहां शराबखोरी का माहौल कैसे पनप रहा है? क्या बच्चों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण की जिम्मेदारी प्रशासन की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए?
ग्रामीणों की प्रमुख चिंताएं
– स्कूल से महज 100 मीटर की दूरी: शासकीय हाई स्कूल और माध्यमिक शाला के इतने करीब अवैध शराब निर्माण और बिक्री की शिकायत बेहद गंभीर है।
– बच्चों में भय का माहौल: शराब पीने के लिए बाहर से आने वाले लोगों के जमावड़े से छात्र-छात्राएं असहज और भयभीत हैं।
– गांव की शांति प्रभावित: ग्रामीणों के अनुसार शराबखोरी के कारण आए दिन अशांति का वातावरण निर्मित हो रहा है।
– युवाओं के भविष्य पर खतरा: गांव में खुलेआम अवैध शराब की उपलब्धता सामाजिक वातावरण और युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
– प्रशासनिक कार्रवाई की मांग: ग्रामीण चाहते हैं कि केवल औपचारिक जांच नहीं, बल्कि अवैध निर्माण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
अब कार्रवाई का इंतजार, क्या जागेगा प्रशासन?
सरपंच विमला बाई कंवर द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन ने गांव की इस गंभीर समस्या को प्रशासन के सामने ला दिया है। अब आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करें।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूलों के इतने करीब अवैध शराब का कारोबार आखिर कब तक बच्चों की सुरक्षा और गांव की शांति के लिए चुनौती बना रहेगा? कटसीरा के ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—गांव को अवैध शराब से मुक्त किया जाए और स्कूलों के आसपास भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
