13 दिन से हड़ताल पर राजस्व पटवारी, अब सड़क पर उतरकर करेंगे शक्ति प्रदर्शन; 28 अक्टूबर को कोरबा में निकलेगी विशाल रैली
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घंटाघर चौक से सुभाष चौक, कोसाबाड़ी चौक होते हुए जिला कार्यालय तक पहुंचेगी रैली, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन; लंबित मांगों के निराकरण के लिए पटवारी संघ ने संभाला मोर्चा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारियों की लंबित एवं न्यायसंगत मांगों को लेकर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल अब आंदोलन के अगले चरण में पहुंचने जा रही है। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़, जिला कोरबा ने 28 अक्टूबर 2026, बुधवार को जिला मुख्यालय में शांतिपूर्ण रैली निकालने का निर्णय लिया है। इस रैली के माध्यम से पटवारी संघ के पदाधिकारी और सदस्य अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। संघ ने इस कार्यक्रम की सूचना पुलिस अधीक्षक कोरबा को देते हुए रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सहयोग भी मांगा है।
संघ द्वारा जारी सूचना के अनुसार, पटवारी अपनी विभिन्न लंबित एवं न्यायसंगत मांगों के निराकरण की मांग को लेकर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। लंबे समय से मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे पटवारियों ने अब शांतिपूर्ण रैली के माध्यम से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की तैयारी की है। इस आंदोलन के जरिए संघ अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनके निराकरण की दिशा में ठोस पहल किए जाने की अपेक्षा कर रहा है।

दोपहर 1 बजे घंटाघर चौक से शुरू होगी रैली
राजस्व पटवारी संघ द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 28 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे घंटाघर चौक स्थित धरना स्थल से रैली प्रारंभ होगी। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जिला कार्यालय पहुंचेगी। निर्धारित मार्ग के अनुसार, रैली घंटाघर चौक से सुभाष चौक, फिर कोसाबाड़ी चौक होते हुए जिला कार्यालय तक जाएगी।
रैली में संघ के जिला पदाधिकारी एवं सदस्य शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से शामिल होंगे। जिला कार्यालय पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों के निराकरण की मांग रखी जाएगी। संघ ने अपने कार्यक्रम में शांति और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया है।
13 अक्टूबर से जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल
राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के अनुसार, विभिन्न लंबित एवं न्यायसंगत मांगों के निराकरण के उद्देश्य से 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है। संघ का कहना है कि मांगों के समाधान के लिए शासन का ध्यान आकर्षित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिला स्तर पर रैली निकालकर मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।
पटवारी राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनकी हड़ताल और आंदोलन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखे जाने की आवश्यकता है। हालांकि, संघ की ओर से जारी सूचना में लंबित मांगों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए ज्ञापन में शामिल मांगों और उनके संभावित समाधान को लेकर प्रशासन की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस अधीक्षक को दी गई सूचना, शांतिपूर्ण आयोजन पर जोर
संघ ने रैली के आयोजन की जानकारी पुलिस अधीक्षक, जिला कोरबा को दी है। पत्र में बताया गया है कि रैली शांतिपूर्ण ढंग से निकाली जाएगी और इसमें संघ के पदाधिकारी तथा सदस्य अनुशासित तरीके से सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सहयोग देने का अनुरोध किया गया है।
संघ ने जिला प्रशासन और पुलिस से कार्यक्रम की सूचना को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है, ताकि रैली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
प्रशासन के सामने मांगों के निराकरण की चुनौती
28 अक्टूबर को प्रस्तावित रैली के माध्यम से राजस्व पटवारी संघ एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करेगा। अब देखना होगा कि ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मांगों के निराकरण को लेकर प्रशासन और शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल संघ ने अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और अनुशासित रखने की बात कही है। पटवारियों की मांगों पर आगे होने वाली कार्रवाई और हड़ताल को लेकर बनने वाली स्थिति पर जिले की नजर रहेगी।
