CGPSC घोटाले पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर भाजपा का सवाल, अमित चिमनानी बोले—युवाओं के भविष्य के मुद्दे पर राहुल गांधी कब बोलेंगे?
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युवा कांग्रेस चुनाव विवाद से लेकर मुख्यमंत्री चेहरे की चर्चा तक कांग्रेस को घेरा, चिमनानी ने पूछा—सवा दो साल पहले ही नेतृत्व की लड़ाई क्यों सामने आ गई?
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**//रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भीतर चल रहे संगठनात्मक विवाद और बहुचर्चित CGPSC भर्ती अनियमितता मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ओर लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर अपने ही संगठन में उठ रहे चुनावी विवादों तथा CGPSC प्रकरण में सामने आ रही जांच की जानकारी पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।
एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान चिमनानी ने कहा कि CGPSC प्रकरण में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। जनवरी 2026 में CBI ने मामले में 29 आरोपियों के खिलाफ अंतिम चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं सितंबर 2026 में ED ने भी धनशोधन से जुड़े आरोपों की जांच में पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय के OSD रहे चेतन बोरघरिया सहित अन्य के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने 2021 की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और अभ्यर्थियों से अवैध रकम वसूली से जुड़े आरोपों की जांच की है।

चिमनानी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से पूछा कि जब वे देशभर में युवाओं, परीक्षा व्यवस्था और अवसरों की बात करते हैं, तब छत्तीसगढ़ के CGPSC प्रकरण पर उनकी प्रतिक्रिया क्या है। उन्होंने कांग्रेस से जांच में सामने आए तथ्यों पर अपनी स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
भाजपा प्रवक्ता ने CGPSC मामले में सामने आए वित्तीय लेन-देन के आरोपों का भी उल्लेख किया। हालिया ED जांच से संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, 2021 की परीक्षा में कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम वसूले जाने और करीब 45 से 47 लाख रुपये की राशि को CSR के माध्यम से कथित तौर पर घुमाए जाने की जांच की गई है। ये जांच एजेंसियों के आरोप और जांच के निष्कर्ष हैं, जिनका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है।
कांग्रेस के संगठन चुनाव पर भी उठाए सवाल
चिमनानी ने युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर से ही सामने आ रहे आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा फर्जी मतदान, फर्जी मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस स्वयं को लोकतंत्र की सबसे बड़ी पैरोकार बताती है, तो उसे अपने संगठनात्मक चुनावों से जुड़े सवालों का भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने सरगुजा में जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी द्वारा युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर लगाए गए आरोपों और चुनाव निरस्त करने की मांग का उल्लेख किया। साथ ही कुनकुरी कांग्रेस अध्यक्ष विनय शील द्वारा पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव यू.डी. मिंज को लेकर दिए गए बयान तथा भानुप्रतापपुर क्षेत्र में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से जोड़कर सवाल खड़े किए।
मुख्यमंत्री चेहरे की चर्चा पर भी कांग्रेस से जवाब मांगा
भाजपा प्रवक्ता ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा टी.एस. सिंहदेव और चरणदास महंत को मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के रूप में प्रस्तुत किए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी सवा दो वर्ष से अधिक का समय है, ऐसे में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद के चेहरों को लेकर चर्चा शुरू होना पार्टी की आंतरिक राजनीति का संकेत है।
चिमनानी ने सवाल किया कि आखिर चुनाव से इतने पहले कांग्रेस नेतृत्व को मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों की चर्चा क्यों करनी पड़ रही है और इस राजनीतिक संदेश के पीछे पार्टी की रणनीति क्या है। उन्होंने कांग्रेस से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि प्रदेश में नेतृत्व को लेकर उसकी वास्तविक दिशा क्या है।
‘युवाओं के भविष्य का सवाल, राजनीतिक बयानबाजी से आगे आए कांग्रेस’
चिमनानी ने कहा कि CGPSC प्रकरण केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं है, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है। CBI की चार्जशीट में परीक्षा प्रक्रिया में कथित हेरफेर और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के आरोप दर्ज हैं।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और न्यायिक प्रक्रिया अपना रास्ता तय करेगी, लेकिन राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों पर पारदर्शी और स्पष्ट राजनीतिक जवाब दें।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि CGPSC मामले में जांच एजेंसियों द्वारा सामने लाए गए आरोपों पर उसकी आधिकारिक स्थिति क्या है और क्या पार्टी इस पूरे प्रकरण पर प्रदेश की जनता के सामने विस्तृत जवाब देगी।







