कर्ज को आत्महत्या का कारण बताने वाली खबर पर परिजनों का बड़ा खंडन, प्रशासनिक जांच में भी नहीं हुई पुष्टि
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बगबुड़ा के परदेशीराम कंवर की मौत का मामला: पत्नी और बहू ने कहा—कर्ज से परेशान नहीं थे, खेती के काम का बोझ और अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से रहते थे तनाव में
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा, 24 सितंबर 2026। ग्राम बगबुड़ा निवासी स्व. परदेशीराम कंवर की आत्महत्या के मामले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित उस खबर पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें उनकी मौत का मुख्य कारण कर्ज, खेती-किसानी का बोझ और पुत्रों से सहयोग नहीं मिलना बताया गया था। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट रूप से कर्ज को आत्महत्या का मूल कारण बताए जाने से इनकार किया है। वहीं, प्रशासन की ओर से की गई प्रारंभिक तथ्यात्मक जांच में भी कर्ज को आत्महत्या का कारण बताए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए 24 सितंबर को तहसीलदार भैसमा, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम सरपंच बगबुड़ा तथा ग्रामीणों की मौजूदगी में मृतक के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी श्रीमती ननकी नोनी कंवर ने बताया कि उनके पति की आत्महत्या का मूल कारण कर्ज नहीं था। परिवार की ओर से आत्महत्या के पीछे कोई एक स्पष्ट कारण होने की जानकारी भी नहीं दी गई।
परिजनों ने कहा—कर्ज में नहीं थे, खेती का काम ही बना था परेशानी का कारण
मृतक की पत्नी के अनुसार स्व. परदेशीराम कंवर खेती-किसानी का काम करते थे। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन पुत्र और एक पुत्री है। एक पुत्र और पुत्री का विवाह हो चुका है। परिवार के अनुसार एक पुत्र रोजी-मजदूरी करता है, जबकि एक पुत्र पढ़ाई कर रहा है। खेती के काम में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने की बात मृतक अक्सर परिवार के बीच कहते थे और कृषि कार्य के अधिक बोझ को लेकर परेशान रहते थे।
मृतक की बहू श्रीमती दुर्गा कंवर ने भी पूछताछ में कहा कि स्व. परदेशीराम कंवर किसी कर्ज को लेकर परेशान नहीं थे। वे स्वयं खेती का अधिकांश काम संभालते थे और कृषि कार्य के अधिक बोझ तथा परिवार के अन्य सदस्यों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने को लेकर तनाव में रहते थे।
मीडिया में कर्ज को कारण बताए जाने की नहीं हुई पुष्टि
पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आत्महत्या के कारण के रूप में कर्ज और खेती-किसानी के बोझ का उल्लेख किया गया था, लेकिन प्रशासन की मौजूदगी में हुई पूछताछ के दौरान मृतक के परिजनों ने कर्ज को आत्महत्या का मूल कारण नहीं माना।
मौके पर ग्राम सरपंच, ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में पंचनामा भी तैयार किया गया। उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच के दौरान कर्ज को आत्महत्या का मूल कारण बताए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
बिना पुष्टि कारण तय करने पर उठे सवाल
मामला संवेदनशील होने के कारण आत्महत्या जैसी घटना के पीछे के कारणों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यात्मक पुष्टि बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। बगबुड़ा के इस मामले में प्रशासनिक पूछताछ और परिजनों के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि कर्ज को आत्महत्या का मूल कारण बताए जाने की बात परिजनों द्वारा पुष्ट नहीं की गई।
फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के अनुसार मृतक खेती-किसानी के काम का अधिक बोझ और परिवार के सदस्यों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने को लेकर परेशान रहते थे। इसी परिस्थितियों के बीच उन्होंने कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालांकि आत्महत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसे लेकर परिवार ने किसी निश्चित कारण की जानकारी होने से इनकार किया है।







