औद्योगिक आस्था से सजा बालको: विश्वकर्मा जयंती पर पूजा के साथ गूंजा सुरक्षित कार्यसंस्कृति और प्रगति का संकल्प
1 min read



संयंत्र की विभिन्न इकाइयों में विधिवत पूजा-अर्चना, सीईओ राजेश सिंह सहित अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेका कामगारों ने लिया हिस्सा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** बालकोनगर, 17 सितंबर 2026। औद्योगिक नगरी बालको में भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाई गई। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के संयंत्र परिसर की विभिन्न इकाइयों और कार्यालयों में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर संयंत्र की निरंतर प्रगति, कर्मचारियों की सुरक्षा, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर सुबह से ही बालको संयंत्र परिसर में उत्सव और आस्था का वातावरण नजर आया। विभिन्न इकाइयों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर आकर्षक साज-सज्जा की गई। पूजा-अर्चना के दौरान कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और ठेका कामगार एक साथ शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात उपस्थितजनों को प्रसाद का वितरण किया गया।
आस्था के साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी का संदेश
भगवान विश्वकर्मा को सृजन, शिल्पकला, निर्माण और तकनीकी कौशल का देवता माना जाता है। औद्योगिक संस्थानों में विश्वकर्मा जयंती का विशेष महत्व है, क्योंकि यह पर्व मशीनरी, तकनीक और श्रम के प्रति सम्मान के साथ सुरक्षित कार्यप्रणाली के संकल्प को भी मजबूत करता है। बालको में आयोजित कार्यक्रम ने भी इसी भावना को अभिव्यक्त किया।

इस अवसर पर सुरक्षित कार्यसंस्कृति, नवाचार, जिम्मेदारी और टीम भावना को औद्योगिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यप्रणाली अपनाते हुए सामूहिक प्रयासों से बेहतर और अधिक सशक्त भविष्य के निर्माण की प्रेरणा मिली।
सुरक्षा और नवाचार के साथ प्रगति के लिए प्रतिबद्ध बालको
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की आराधना सृजन के साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि बालको के प्रत्येक कर्मचारी का योगदान कंपनी की सामूहिक प्रगति का आधार है। सुरक्षित कार्यसंस्कृति, नवाचार और टीम भावना के माध्यम से औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए बालको प्रतिबद्ध है।
विश्वकर्मा जयंती का यह आयोजन बालको की औद्योगिक परंपरा और आधुनिक कार्यसंस्कृति के बीच मजबूत तालमेल का संदेश लेकर आया। पूजा-अर्चना के माध्यम से जहां कर्मचारियों ने भगवान विश्वकर्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की, वहीं सुरक्षित कार्यप्रणाली, जिम्मेदार औद्योगिक गतिविधियों और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने के संकल्प को भी दोहराया।
बालको में मनाई गई विश्वकर्मा जयंती ने यह संदेश दिया कि उद्योग की वास्तविक शक्ति केवल मशीनों और तकनीक में नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ संचालित करने वाले कर्मचारियों की सामूहिक भावना में निहित है।







