⚡ मीटर बोर्ड के पीछे छिपा था 8 फीट का ‘किंग’! सतरेगा रिसॉर्ट में मचा हड़कंप, जितेंद्र सारथी की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। सतरेगा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल स्थित रिसॉर्ट में उस समय हड़कंप मच गया, जब विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे बेहद संकरी जगह में करीब 8 फीट लंबा किंग कोबरा छिपा मिला। सांप की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही रिसॉर्ट मैनेजर इस्तिखार खान ने तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी ने अपनी स्थानीय रेस्क्यू टीम के सदस्यों कमलेश, देवेंद्र, राम, गौतम, दिल, नरेश और देव मरावी को सतरेगा रवाना किया। वहीं मामले की जानकारी कोरबा वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय को दी गई। उनके निर्देश पर उपवनमंडलाधिकारी रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन और बालको रेंजर जयंत सरकार के नेतृत्व में जितेंद्र सारथी एवं सिद्धांत जैन मौके पर पहुंचे।
रेस्क्यू शुरू करने से पहले विद्युत विभाग को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, ताकि रेस्क्यू टीम और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद बेहद सावधानी के साथ ऑपरेशन शुरू हुआ। किंग कोबरा सर्किट बोर्ड के पीछे ऐसी संकरी जगह में छिपा था, जहां उसे सुरक्षित बाहर निकालना टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत और सतर्कता के बाद रेस्क्यू टीम ने लगभग 8 फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद पर्यटकों की भीड़ भी जुट गई। लोग इस लंबे और फुर्तीले सांप को देखकर रोमांचित नजर आए और कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते दिखाई दिए। टीम ने रेस्क्यू के दौरान भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखा।

सफल रेस्क्यू के बाद आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर किंग कोबरा को उसके लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
जंगलों से लगातार सामने आ रहे किंग कोबरा
कोरबा जिले के लेमरू, बालको, पसरखेत, करतला, कुदमुरा सहित आसपास के वन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा सामने आने की घटनाएं भी सामने आई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी क्षेत्र में लगातार अलग-अलग किंग कोबरा दिखाई देना वहां इनके अनुकूल प्राकृतिक आवास और संभावित प्रजनन की ओर संकेत कर सकता है। हालांकि, क्षेत्र में इनकी वास्तविक संख्या और आबादी की स्थिति को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन जरूरी है।
डर नहीं, जागरूकता बनी संरक्षण की ताकत
इस घटना का एक सकारात्मक पहलू यह भी रहा कि किंग कोबरा दिखाई देने के बाद लोगों ने उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दी। समय पर सूचना मिलने से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू हो सका और उसे वापस उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। यह मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण है।
वन विभाग एवं नोवा नेचर ने लोगों से अपील की है कि किंग कोबरा या किसी भी सांप के दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें, उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग अथवा प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें।







