501 महिलाओं की आस्था से गूंजेगा श्री सप्तदेव मंदिर, सूरत की वर्षा सोनी एंड पार्टी रचेगी दादी भक्ति का संगीतमय संसार
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भादी अमावस्या पर 11 सितंबर को श्री राणी सती दादी का भव्य मंगल पाठ, मंदिर परिसर में उमड़ेगा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा, 10 सितंबर 2026। भादी अमावस्या के पावन अवसर पर कोरबा का श्री सप्तदेव मंदिर एक बार फिर दादी भक्ति के भव्य रंग में रंगने जा रहा है। 11 सितंबर, शुक्रवार को मंदिर परिसर में श्री राणी सती दादी का भव्य चरित्र मानस मंगल पाठ आयोजित होगा, जिसमें करीब 501 महिलाएं सामूहिक रूप से मंगल पाठ में सहभागी बनेंगी। सैकड़ों महिलाओं की एक साथ गूंजती भक्ति और संगीतमय वातावरण इस आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान करेगा।
इस वर्ष मंगल पाठ को और भी भव्य स्वरूप देने के लिए सूरत की विख्यात मंगल पाठ गायिका एवं कलाकार वर्षा सोनी एंड पार्टी विशेष रूप से कोरबा पहुंच रही हैं। दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक वर्षा सोनी एवं उनकी पूरी टीम द्वारा श्री राणी सती दादी के चरित्र, जीवन प्रसंगों और महिमा का भावपूर्ण एवं संगीतमय मंगल पाठ प्रस्तुत किया जाएगा। भजनों और मंगल गीतों से सजा यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिक आनंद का विशेष अवसर बनेगा।
501 महिलाओं की सहभागिता बनेगी आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता
श्री सप्तदेव मंदिर में होने वाले इस आयोजन की सबसे खास बात 501 महिलाओं की सामूहिक सहभागिता होगी। मंगल पाठ में शामिल होने वाली महिलाएं पारंपरिक धार्मिक परिधान एवं चुनरी के साथ दादी जी की आराधना करेंगी। एक साथ सैकड़ों महिलाओं द्वारा मंगल पाठ किए जाने से मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण निर्मित होने की संभावना है।
मंगल पाठ में सहभागी होने वाली महिलाओं के लिए पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। मंदिर प्रबंधन ने दादी भक्तों एवं श्रद्धालु महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराकर इस पावन आयोजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।
पूजा-अर्चना से शुरू होगा भादी अमावस्या का धार्मिक उत्सव
भादी अमावस्या पर सुबह श्री सप्तदेव मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चना एवं आरती के साथ जात-जडूला का धार्मिक कार्यक्रम होगा। इसके बाद श्री सप्तदेव मंदिर महिला समिति मंडल द्वारा भजन-कीर्तन एवं दादी जी की भक्ति आराधना की जाएगी। दिनभर चलने वाले धार्मिक आयोजनों से मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहेगा।
34 महिलाओं एवं बालिकाओं का होगा सम्मान
धार्मिक आयोजनों में महिलाओं और बालिकाओं की सहभागिता को प्रोत्साहित करने की मंदिर की परंपरा के तहत इस अवसर पर वर्षभर में सर्वाधिक मंगल पाठ करने वाली 34 महिलाओं एवं बालिकाओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र देकर उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक सहभागिता का सम्मान किया जाएगा।
मंदिर ट्रस्ट का यह प्रयास धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पूर्व संध्या पर मेहंदी, पगधोई, ज्वारा उत्सव और कवि सम्मेलन ने बांधा समां
भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर 10 सितंबर को भी श्री सप्तदेव मंदिर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। शाम 6 से रात 8 बजे तक दादी जी की मेहंदी, पगधोई, ज्वारा उत्सव एवं भजन कार्यक्रम हुआ। इसके बाद रात 8 से 11 बजे तक अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे विख्यात कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं एवं साहित्यप्रेमियों का मन मोह लिया।
नई पीढ़ी को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना हमारा दायित्व — अशोक मोदी
श्री सप्तदेव मंदिर के प्रमुख ट्रस्टी अशोक मोदी ने कहा कि धार्मिक पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे हमारी आस्था, संस्कार, संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम हैं। आज के समय में नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि श्री राणी सती दादी का मंगल पाठ श्रद्धा, शक्ति, समर्पण और नारी आस्था का प्रतीक है। जब सैकड़ों महिलाएं एक साथ दादी जी की आराधना करती हैं तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। श्री सप्तदेव मंदिर का प्रयास है कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से परिवार और नई पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ा जाए तथा समाज में संस्कार, सद्भाव, सेवा और सकारात्मकता का वातावरण मजबूत हो।
उन्होंने समस्त दादी भक्तों, मातृशक्ति, श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से 11 सितंबर को श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचकर भव्य श्री राणी सती दादी मंगल पाठ में सहभागी बनने और दादी जी की भक्ति में शामिल होने का आग्रह किया।







