“जनता के पैसे से खिलवाड़ नहीं चलेगा!” महापौर संजू देवी राजपूत का दो टूक फरमान—घटिया निर्माण मिला तो ठेकेदार ही नहीं, जिम्मेदार अफसर भी नपेंगे
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** पोडीबहार नाला निर्माण की गुणवत्ता पर होगी कड़ी जांच, महापौर ने दिए गुणवत्ता परीक्षण और कोर कटिंग के निर्देश; फाइलों में विकास नहीं, जमीन पर चाहिए मजबूत काम
कोरबा। नगर निगम कोरबा में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर महापौर संजू देवी राजपूत ने अब सख्त रुख अपना लिया है। कोसाबाड़ी जोन के विभिन्न वार्डों में निर्माणाधीन कार्यों के निरीक्षण के दौरान महापौर ने साफ शब्दों में कहा कि विकास के नाम पर घटिया निर्माण, लापरवाही और अनावश्यक देरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए और मानकों में कमी मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण के दौरान पोडीबहार नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर महापौर ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता परीक्षण कराने के साथ कोर कटिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की वास्तविक गुणवत्ता की तकनीकी जांच हो सके। महापौर के इस निर्देश से स्पष्ट है कि अब केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्यों को सही मान लेने के बजाय मौके पर तकनीकी परीक्षण के जरिए गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी।
महापौर ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि स्वीकृत प्राक्कलन, तकनीकी मापदंड, ड्राइंग-डिजाइन और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही निर्माण होना चाहिए। उन्होंने नियमित स्थल निरीक्षण और निर्माण की प्रत्येक महत्वपूर्ण अवस्था में गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लंबित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि फाइलों में विकास दिखाकर जमीन पर अधूरे काम छोड़ने का दौर नहीं चलेगा। जिन कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर समय पर कार्य शुरू कराया जाए। धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाकर उन्हें तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
ठेकेदारों को भी महापौर ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि काम लेना जितना आसान है, उतना ही जरूरी उसे निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा करना है। यदि निरीक्षण या तकनीकी जांच में निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो मामले को केवल औपचारिक नोटिस तक सीमित नहीं रखा जाएगा। नियमानुसार जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने अधिकारियों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही सामने आने पर केवल ठेकेदारों पर ही कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य सिर्फ विकास कार्यों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण कराना है, जिनका वास्तविक लाभ लंबे समय तक आम जनता को मिल सके।
महापौर के निरीक्षण और सख्त निर्देशों से नगर निगम के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी और जवाबदेही बढ़ने के संकेत मिले हैं। अब पोडीबहार नाला निर्माण की कोर कटिंग और गुणवत्ता परीक्षण के बाद सामने आने वाली तकनीकी रिपोर्ट पर भी नजर रहेगी।
निरीक्षण के दौरान जोन कमिश्नर एन.के. नाथ, सहायक अभियंता पीयूष राजपूत, उप अभियंता अश्वनी दास सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।







