September 9, 2026

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20 प्रभावित और 19 नवीन समितियों की पुनर्गठन प्रक्रिया में बड़ा प्रशासनिक कदम, सदस्यवार हिस्सा राशि, ऋण, ब्याज और वित्तीय अभिलेख किए गए पृथक
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**  कोरबा, 8 सितंबर 2026। जिले में सहकारी समितियों के पुनर्गठन को लेकर चल रही महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। पुनर्गठन योजना के अंतर्गत जिले की 20 प्रभावित एवं 19 नवीन, कुल 39 सहकारी समितियों की आस्तियों एवं दायित्वों के व्यवस्थित विभाजन की कार्यवाही नियमानुसार पूरी कर ली गई है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत समितियों के वित्तीय एवं सदस्यवार रिकॉर्ड को नए स्वरूप के अनुरूप अलग-अलग किया गया है।
सहकारिता विभाग के उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं कोरबा की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में कार्यालय उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, कोरबा में संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटरों की बैठक एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। बैठक का उद्देश्य पुनर्गठन के बाद प्रभावित एवं नवीन समितियों के बीच अभिलेखों, वित्तीय विवरणों, परिसंपत्तियों और दायित्वों का स्पष्ट एवं व्यवस्थित विभाजन सुनिश्चित करना रहा।
सदस्यवार रिकॉर्ड से लेकर वित्तीय दायित्व तक तैयार हुआ अलग-अलग ब्यौरा
पुनर्गठन की प्रक्रिया के दौरान समितिवार और सदस्यवार रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें सदस्यों की ग्रामवार सूची, सदस्यवार हिस्सा राशि, डेड स्टॉक, वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के वित्तीय पत्रक, सदस्यवार ऋण विवरण तथा सदस्यों पर शेष ब्याज से संबंधित जानकारी का संकलन एवं पृथक्करण किया गया।
इस कार्यवाही का महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि केवल सामान्य अभिलेखों का विभाजन ही नहीं किया गया, बल्कि सदस्यों से जुड़े वित्तीय विवरणों को भी व्यवस्थित तरीके से अलग किया गया है। इससे संबंधित नवीन एवं प्रभावित समितियों के पास अपने-अपने क्षेत्र एवं सदस्यों से संबंधित रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से उपलब्ध रहेगा।
लघु और दीर्घ अवधि के ऋणों का भी हुआ पृथक्करण
पुनर्गठन के दौरान लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के ऋणों के साथ-साथ उनके शेष ब्याज की जानकारी भी अलग-अलग तैयार की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुनर्गठन के बाद प्रत्येक समिति के पास अपने सदस्यों, ऋण खातों और वित्तीय दायित्वों का स्पष्ट एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड मौजूद रहे।
संबंधित अभिलेखों को पृथक सूचीबद्ध किए जाने से भविष्य में रिकॉर्ड के मिलान, वित्तीय कार्यवाही और समिति स्तर पर होने वाले प्रशासनिक कार्यों में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
आस्तियों और दायित्वों के विभाजन से बढ़ेगी पारदर्शिता
39 समितियों की आस्तियों एवं दायित्वों का यह विभाजन महज कागजी प्रक्रिया नहीं माना जा रहा है। सहकारी समितियों के पुनर्गठन के बाद उनके कामकाज को नई प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप संचालित करने के लिए रिकॉर्ड का स्पष्ट होना बेहद महत्वपूर्ण है।
आस्तियों, दायित्वों, ऋण, ब्याज, हिस्सा राशि और वित्तीय पत्रकों का पृथक रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में जवाबदेही तय करने, वित्तीय अभिलेखों के रखरखाव और समिति स्तर पर कार्यों के संचालन में स्पष्टता आने की संभावना है।
आगामी धान खरीदी की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण आधार
पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सहकारी समितियों के माध्यम से होने वाले आगामी कार्यों को नई व्यवस्था के अनुरूप संचालित करने का आधार मजबूत हुआ है। विशेष रूप से धान खरीदी वर्ष 2026 सहित समिति स्तर पर होने वाली विभिन्न गतिविधियों के लिए संबंधित समितियों के रिकॉर्ड एवं दायित्वों का स्पष्ट होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिकॉर्ड पृथक्करण की प्रक्रिया पूरी होने से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि किस समिति के पास कौन-से सदस्य, कौन-सी परिसंपत्तियां, कौन-से ऋण खाते और कौन-से वित्तीय दायित्व होंगे।
प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा
सहकारिता विभाग की इस कार्यवाही से जिले में पुनर्गठित समितियों को नई व्यवस्था के अनुसार संचालित करने का रास्ता और अधिक स्पष्ट हुआ है। 20 प्रभावित और 19 नवीन समितियों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रूप से अलग किए जाने के बाद अब समितियों के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक सुगमता बढ़ने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, 39 सहकारी समितियों की आस्तियों-दायित्वों के विभाजन की यह प्रक्रिया जिले की सहकारिता व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है। सदस्यवार रिकॉर्ड से लेकर ऋण, ब्याज, हिस्सा राशि और वित्तीय पत्रकों तक की जानकारी को व्यवस्थित किए जाने से पुनर्गठित समितियों के आगामी संचालन के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।

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