मैदान में दम, मेहनत में जुनून और सरकार का साथ—वूशु खिलाड़ियों के लिए खुल रहे सफलता के नए दरवाजे!
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10 वूशु खिलाड़ियों को मिली शासकीय नौकरी, राज्य खेल अलंकरण से बढ़ा खिलाड़ियों का गौरव; हितानंद अग्रवाल बोले—कोरबा के युवा खेल को बनाएं करियर का मजबूत आधार
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। कभी केवल मार्शल आर्ट के रूप में देखा जाने वाला वूशु आज युवाओं के लिए खेल, सम्मान और उज्ज्वल करियर की नई राह बनता जा रहा है। छत्तीसगढ़ में वूशु खिलाड़ियों को मिल रहे सरकारी प्रोत्साहन और सम्मान ने खेल प्रतिभाओं के बीच नई उम्मीद जगाई है। कोरबा जिला वूशु संघ के अध्यक्ष हितानंद अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा वूशु खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन और सुविधाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए जिले के युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में वूशु से जुड़ने का आह्वान किया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वूशु मार्शल आर्ट के 10 खिलाड़ियों को शासकीय नौकरी प्रदान की गई है। यह पहल खिलाड़ियों के लिए इस बात का मजबूत संदेश है कि खेल के मैदान में मेहनत और उपलब्धि को करियर के अवसरों से भी जोड़ा जा रहा है।
राज्य खेल अलंकरण में वूशु खिलाड़ियों का बढ़ा सम्मान
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 अगस्त को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव सहित मंत्रीगण एवं विधायक उपस्थित रहे।
समारोह में वूशु के खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान सहित राज्य स्तरीय खेल अलंकरण के अंतर्गत खेल शिखर सम्मान, खेल गौरव सम्मान और खेल अंकुर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन सम्मानों ने वूशु खिलाड़ियों के मनोबल को नई ऊंचाई दी है।
वूशु में सिर्फ पदक नहीं, करियर की भी संभावनाएं
हितानंद अग्रवाल ने कहा कि वूशु एक आधुनिक और उत्कृष्ट मार्शल आर्ट खेल है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री और विभिन्न स्तरों पर आवश्यक सुविधाएं एवं प्रोत्साहन मिलने से इस खेल में आगे बढ़ने की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं।


उन्होंने कोरबा जिले के सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के बालक-बालिकाओं से वूशु प्रशिक्षण से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि अनुशासन, नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत के बल पर खिलाड़ी जिला और राज्य स्तर से आगे राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं।
अब गांव और बस्तियों में खोजी जाएंगी छिपी खेल प्रतिभाएं
कोरबा जिला वूशु संघ के नवनिर्वाचित सचिव सियाराम बंजारे ने संघ की आगामी कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ वूशु संघ के तत्वावधान में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हर वर्ष प्रदेशभर से लगभग 700 से 800 सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर बालक-बालिका खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ के वूशु खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए कोरबा जिला वूशु संघ अब शहर से निकलकर गांव, ग्रामीण अंचलों और बस्तियों तक पहुंचेगा।
संघ का उद्देश्य ऐसी प्रतिभाओं की पहचान करना है, जिन्हें संसाधनों या सही मार्गदर्शन के अभाव में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। चयनित प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।
कोरबा की मिट्टी से निकलेंगे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी
हितानंद अग्रवाल और सियाराम बंजारे ने कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें पहचानने, तराशने और सही मंच देने की। वूशु संघ का प्रयास रहेगा कि कोरबा का कोई भी प्रतिभावान बालक या बालिका केवल अवसर के अभाव में खेल से दूर न रहे।
सरकारी प्रोत्साहन, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की मेहनत यदि एक साथ आगे बढ़े तो कोरबा से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार की जा सकती है। संघ ने युवाओं से अपील की है कि वे खेल को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, उपलब्धि और बेहतर भविष्य की दिशा के रूप में अपनाएं।







