September 8, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**//  कोरबा। शहर के बीचों-बीच स्थित राताखार इलाके में कबाड़ से भरे वाहनों पर कोरबा कोतवाली पुलिस की छापामार कार्रवाई ने कथित अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने एक कबाड़ यार्ड में दबिश देकर कबाड़ से लदे ट्रक, माजदा सहित कई वाहनों को जब्त किया है। कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यहां लंबे समय से कबाड़ का कारोबार चल रहा था, तो जिम्मेदार महकमे की नजर इतने दिनों तक आखिर क्यों नहीं पड़ी?

 

 

जानकारी के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम को स्थानीय व्यक्ति से सूचना मिली थी कि राताखार स्थित एक यार्ड में कबाड़ से लदे कई वाहन खड़े हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यार्ड में जांच-पड़ताल शुरू की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में लोहे के कबाड़ से भरे वाहन पुलिस ने अपने कब्जे में लिए और उन्हें आवश्यक जांच के लिए थाने ले जाया गया।
शहर के बीचों-बीच कारोबार, फिर निगरानी तंत्र पर सवाल क्यों नहीं उठेंगे?
राताखार कोई दूरदराज का सुनसान इलाका नहीं, बल्कि कोरबा शहर का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में यदि किसी यार्ड में नियमित रूप से भारी वाहनों की आवाजाही हो रही थी और बड़ी मात्रा में कबाड़ का भंडारण किया जा रहा था, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी करने वाली व्यवस्था आखिर क्या कर रही थी?
क्या कबाड़ से लदे वाहनों की आवाजाही किसी को दिखाई नहीं दी? क्या यार्ड में कबाड़ के भंडारण और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की नियमित जांच हुई? यदि नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? पुलिस की मौजूदा कार्रवाई ने इन तमाम सवालों को फिर से सामने ला दिया है।
शिकायत के बाद कार्रवाई तेज होने की चर्चा
गौरतलब है कि बीते दिनों व्यापारी गुलाम मोहम्मद द्वारा कोरबा पुलिस अधीक्षक और आईजी के समक्ष जिले में कथित अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। शिकायत में रवि साहू सहित अन्य लोगों के नामों का उल्लेख किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका पुलिस जांच का विषय है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जरूर है कि शिकायत के बाद पुलिस और प्रशासन की गतिविधियां इस दिशा में बढ़ी हैं। ऐसे में अब पुलिस की कार्रवाई सिर्फ वाहनों की जब्ती तक सीमित रहती है या फिर कबाड़ के स्रोत, खरीदी-बिक्री, परिवहन, दस्तावेज और कारोबार से जुड़े नेटवर्क की भी गहराई से जांच होती है, यह देखने वाली बात होगी।
सिर्फ वाहन जब्त करने से खत्म होगा कबाड़ का खेल?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जांच में कबाड़ का कारोबार नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो कार्रवाई केवल वाहनों की जब्ती तक सीमित रहेगी या फिर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जाएंगी। कबाड़ कहां से आया, किसने खरीदा, किसके माध्यम से पहुंचा, वाहनों के दस्तावेज क्या हैं और यार्ड में इसके भंडारण की अनुमति थी या नहीं—इन सवालों के जवाब जांच में बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल पुलिस ने वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह कार्रवाई केवल एक यार्ड तक सीमित रहेगी या कोरबा शहर में कथित रूप से चल रहे कबाड़ कारोबार की पूरी श्रृंखला तक पुलिस पहुंचेगी?
राताखार की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि यदि किसी इलाके में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चलने की शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। शहर के बीचों-बीच कथित कबाड़ कारोबार चलता रहा और कार्रवाई तब हुई जब सूचना पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंची—यह स्थिति अपने आप में कई गंभीर सवाल छोड़ जाती है।
अब असली परीक्षा पुलिस की जांच की है। जब्ती के बाद जांच कितनी गहराई तक जाती है और कथित कबाड़ कारोबार के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का सच सामने आता है या नहीं—इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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