कुसमुंडा क्षेत्र में लंबित सिविल कार्यों को लेकर श्रमिक संघ ने प्रबंधन को दी चेतावनी, 14 दिन में कार्रवाई नहीं तो भूख हड़ताल
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कोयला श्रमिक संघ (सीटू) ने एरिया महाप्रबंधक को सौंपा पत्र, कर्मचारियों और आमजन की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कुसमुंडा/कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में लंबे समय से लंबित सिविल कार्यों को लेकर कोयला श्रमिक संघ (सीटू) ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने कुसमुंडा क्षेत्र के एरिया महाप्रबंधक को पत्र सौंपकर लंबित सिविल कार्यों को तत्काल शुरू कराने और विभिन्न समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है।
7 सितंबर 2026 को जारी पत्र में सीटू ने कहा है कि कुसमुंडा क्षेत्र के सिविल विभाग के अंतर्गत आवश्यक कार्य काफी समय से लंबित हैं। इसके कारण कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता को भी विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ का कहना है कि इस संबंध में प्रबंधन के समक्ष कई बार मामला उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक ठोस एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
“लंबित कार्य तत्काल शुरू कराए जाएं”
कोयला श्रमिक संघ (सीटू) ने प्रबंधन से मांग की है कि लंबित सभी आवश्यक सिविल कार्यों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल शुरू कराया जाए। पत्र में कहा गया है कि कार्यों का लगातार लंबित रहना कर्मचारियों और आम लोगों के हित में नहीं है तथा इससे समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
संघ ने प्रबंधन से इस मामले में त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि पत्र प्राप्त होने के 14 दिनों के भीतर लंबित सिविल कार्यों को शुरू कराने और संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संघ अपने विरोध को आगे बढ़ाने के लिए भूख हड़ताल करने को बाध्य होगा।
प्रबंधन को जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी
सीटू ने अपने पत्र में संभावित आंदोलन के लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है। संघ का कहना है कि उसका उद्देश्य कर्मचारियों और आम जनता के हितों की रक्षा करना है और लंबित कार्यों के समाधान के लिए प्रबंधन को तत्काल पहल करनी चाहिए।
पत्र की प्रतिलिपि एसईसीएल बिलासपुर के निदेशक (एचआर), महाप्रबंधक (सिविल), महाप्रबंधक (आईआर) तथा सीटू के महासचिव को भी भेजी गई है। इस घटनाक्रम के बाद कुसमुंडा क्षेत्र में लंबित सिविल कार्यों को लेकर श्रमिक संगठन और प्रबंधन के बीच मामला अब गंभीर होता दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि कुसमुंडा क्षेत्र में सिविल कार्यों के लिए निविदाएं भी जारी होती रही हैं। हाल में कुसमुंडा ओसीपी में वॉशिंग स्टेशन एवं महिला कैंटीन के मरम्मत कार्य सहित अन्य सिविल कार्यों के लिए करीब 45.27 लाख रुपये की निविदा जारी होने की जानकारी उपलब्ध है। �
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**अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीटू की 14 दिन की समयसीमा के भीतर एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन लंबित कार्यों को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।**







