युवा कांग्रेस चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोप से गरमाई सियासत, राहुल टिकरिहा ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
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बाहरी लोगों से मतदान कराने के आरोप पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने उठाए सवाल, कहा—अपने संगठन का चुनाव निष्पक्ष नहीं करा सकती कांग्रेस तो लोकतंत्र की दुहाई किस मुंह से?
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। मुंगेली में युवा कांग्रेस के सांगठनिक चुनाव के दौरान फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए उसके आंतरिक लोकतंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
टिकरिहा ने आरोप लगाया कि मुंगेली में युवा कांग्रेस चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश से दो युवतियों और सात युवकों को बुलाकर सर्किट हाउस में ठहराया गया और उनसे कथित तौर पर फर्जी मतदान कराया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों द्वारा सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराना पूरे मामले की गंभीरता को सामने लाता है।
उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस अपने संगठन के चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता नहीं रख सकती, वह देश और प्रदेश में लोकतंत्र एवं संविधान की बात करने का नैतिक अधिकार कैसे रखती है? वास्तविक युवाओं के अधिकारों को कथित फर्जीवाड़े के जरिए प्रभावित करने का प्रयास कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
सर्किट हाउस से लेकर चुनावी प्रक्रिया तक जांच की मांग
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने मुंगेली पुलिस और स्थानीय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सर्किट हाउस में बाहरी लोगों के ठहरने, उनके पहचान दस्तावेजों तथा चुनावी प्रक्रिया में उनकी कथित भूमिका की जांच कर जिम्मेदार लोगों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई।
युवा कांग्रेस प्रत्याशी पर भी लगाए गंभीर आरोप
टिकरिहा ने शुष्क दिवस के दौरान प्लैटिनम बार में कथित रूप से चोरी-छिपे शराब बिक्री के मामले में गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि गिरफ्तार व्यक्ति पलाश मल्होत्रा वर्तमान में रायपुर उत्तर युवा कांग्रेस अध्यक्ष हैं और युवा कांग्रेस चुनाव में प्रदेश महासचिव पद के प्रत्याशी भी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में ऐसे लोगों को संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलना उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। टिकरिहा ने कहा कि फर्जी मतदान के आरोपों से लेकर शराब बिक्री के मामले तक सामने आ रहे घटनाक्रम कांग्रेस के कथित आंतरिक लोकतंत्र और संगठनात्मक व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।







