⚡ “बिजली के निजीकरण पर कांग्रेस का भ्रम-प्रचार बेनकाब, सीएम साय बोले—रूटीन प्रक्रिया को बना रहे राजनीतिक मुद्दा”
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों को बताया तथ्यहीन, कहा—सरकार की निजीकरण की कोई मंशा नहीं; जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही कांग्रेस
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में बिजली के निजीकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखा पलटवार करते हुए इसे भ्रामक, तथ्यहीन और जनता के बीच भ्रम पैदा करने वाला प्रचार बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिस सुनवाई को कांग्रेस बिजली के निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है, वह वास्तव में एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी रूटीन प्रक्रिया या सुनवाई को सीधे बिजली के निजीकरण से जोड़ देना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता के सामने रखने जैसा है।
🔥 “रूटीन प्रक्रिया को निजीकरण बताना कांग्रेस की राजनीति”
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली के निजीकरण को लेकर सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच गलतफहमी पैदा करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासनिक एवं नियामकीय प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़ना पूरी तरह भ्रामक है। सरकार की नीति और वास्तविकता को जाने बिना राजनीतिक आरोप लगाना प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
⚡ जनता को भ्रमित करने की कोशिश का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देकर प्रदेशवासियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों में तथ्य नहीं हैं और जनता को ऐसे प्रचार से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर स्पष्ट नीति और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। बिजली व्यवस्था को लेकर प्रदेशवासियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
🗣️ सीएम साय का कांग्रेस पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर नियमित प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद बनाना और उसके आधार पर जनता में भय अथवा भ्रम पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से तथ्यों के आधार पर राजनीति करने की अपेक्षा जताई।
साय ने कहा कि प्रदेश की जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी वजह से उन्होंने स्पष्ट किया है कि बिजली के निजीकरण को लेकर सरकार की कोई मंशा नहीं है।
🚨 सियासी बयानबाजी के बीच सरकार ने दी सफाई
बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बाद शुरू हुई राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान सरकार की ओर से स्पष्ट स्थिति के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नियमित सुनवाई को निजीकरण का संकेत बताना सही नहीं है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे बिना तथ्य जांचे किसी भी राजनीतिक दावे पर विश्वास न करें और भ्रामक प्रचार से दूर रहें।
मुख्यमंत्री श्री साय के बयान के बाद अब बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों और सरकार की सफाई के बीच सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।







