जब जवानों की कलाई पर सजा रक्षा सूत्र, भावुक हुआ लेमरू थाना परिसर
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एकल अभियान देवपहरी ने हनुमान चालीसा पाठ के साथ मनाया रक्षाबंधन, आचार्या बहनों ने जवानों को बांधी राखी और खिलाई मिठाई
देश की सुरक्षा में तैनात जवानों को मिला बहन के स्नेह का अहसास, ‘जवान अकेले नहीं, पूरा समाज उनके साथ’ का दिया आत्मीय संदेश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** लेमरू। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र रिश्ते की भावनाएं उस समय और गहरी हो गईं, जब वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्र में समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय एकल अभियान देवपहरी की आचार्या बहनें लेमरू थाना पहुंचीं और सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें भाई का स्नेह दिया। इस आत्मीय पहल से थाना परिसर में भावुकता और अपनत्व का वातावरण बन गया।
एकल अभियान देवपहरी द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी थाना लेमरू परिसर में रक्षाबंधन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के साथ हुई। सबसे पहले मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके बाद पंचमुखी श्री हनुमान जी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर ॐकार मंत्र, गायत्री मंत्र, विजय महामंत्र एवं सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया गया।
हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इसके पश्चात विधिवत आरती कर भगवान श्री हनुमान जी से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं सुरक्षा की कामना की गई।

हनुमान चालीसा के बाद जवानों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र
धार्मिक अनुष्ठान के बाद रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। एकल अभियान की आचार्या बहनों ने थाना परिसर में उपस्थित जवानों, संच समिति के पदाधिकारियों एवं आचार्यगण को रक्षा सूत्र बांधा। इसके साथ ही उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी गईं।
रक्षा सूत्र बंधवाते समय जवानों के चेहरों पर आत्मीयता और प्रसन्नता दिखाई दी। जवानों ने भी एकल अभियान की आचार्या बहनों की इस पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
‘जो घर नहीं पहुंच पाए, उनके लिए समाज बना परिवार’
रक्षाबंधन के इस आयोजन का सबसे भावपूर्ण पक्ष यह रहा कि देश और समाज की सुरक्षा एवं सेवा में अपने दायित्व का निर्वहन करने वाले जवानों को उनके घर-परिवार से दूर रहते हुए भी बहन के स्नेह और अपनत्व का अनुभव कराया गया।
एकल अभियान की ओर से बताया गया कि रक्षाबंधन का यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष थाना, चौकी तथा देश की सीमाओं पर सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य उन जवानों तक भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनाएं पहुंचाना है, जो अपने कर्तव्य के कारण रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर अपने घर नहीं पहुंच पाते।
यह पहल केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से जवानों को यह संदेश दिया जाता है कि देश की सुरक्षा में समर्पित कोई भी जवान अकेला नहीं है। उसके साथ पूरा समाज खड़ा है।
राखी ने जोड़ा समाज और सुरक्षा बलों का रिश्ता
एकल अभियान की आचार्या बहनों ने जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर समाज और सुरक्षा बलों के बीच स्नेह, सम्मान और विश्वास के रिश्ते को और मजबूत करने का संदेश दिया। रक्षाबंधन के इस आयोजन ने यह भाव भी उजागर किया कि जिन जवानों की जिम्मेदारी समाज की सुरक्षा करना है, उनके प्रति समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह उनके सुख-दुख में सहभागी बने।
दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में आयोजित इस आत्मीय कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को सामाजिक सरोकार और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ दिया। हनुमान चालीसा के भक्तिमय पाठ से शुरू हुआ कार्यक्रम जवानों की कलाई पर सजे रक्षा सूत्र के साथ एक भावनात्मक संदेश छोड़ गया।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में संच समिति के कोषाध्यक्ष श्री अमृतलाल राठिया की गरिमामय उपस्थिति रही। इसके अलावा गणेशी कंवर, सविता पैकरा, सुनीता रौतिया, सूरज राठिया, बालकुमार राठिया, गुलाब पैकरा एवं संच प्रशिक्षक चंद्रा कुमार राठिया सहित एकल अभियान से जुड़े कार्यकर्ता, आचार्या बहनें एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रक्षा सूत्र में बंधा सम्मान, स्नेह और सुरक्षा का संकल्प
लेमरू थाना परिसर में आयोजित यह रक्षाबंधन कार्यक्रम भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते से आगे बढ़कर समाज और सुरक्षा में जुटे जवानों के बीच आत्मीय संबंध का प्रतीक बन गया। एक ओर आचार्या बहनों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधी, वहीं दूसरी ओर जवानों ने समाज की इस आत्मीय पहल के प्रति आभार जताया।
रक्षाबंधन के इस आयोजन ने संदेश दिया कि सीमा हो या वनांचल, सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर बंधा हर रक्षा सूत्र समाज के सम्मान, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है।
जय हिंद।
हर-हर महादेव।







