सावन के अंतिम सोमवार को महामृत्युंजय महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
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12 पार्थिव शिवलिंगों में साकार हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ भव्य महा रुद्राभिषेक
‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंजता रहा मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं ने सुख-शांति एवं आरोग्य की कामना के साथ की भोलेनाथ की आराधना
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। सावन के पावन अंतिम सोमवार को नगर निगम आवासीय परिसर स्थित श्री श्री 108 श्री महामृत्युंजय महादेव मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सावन के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन के तहत 12 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर उन्हें द्वादश ज्योतिर्लिंगों के स्वरूप में प्रतिष्ठित किया गया। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भव्य महा रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया।
इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट करते हुए पार्थिव शिवलिंगों का पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक किया। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रोच्चार और शिवभक्तों के जयघोष ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


एक साथ दिखा द्वादश ज्योतिर्लिंगों का दिव्य स्वरूप
महा रुद्राभिषेक के लिए बनाए गए 12 पार्थिव शिवलिंग आयोजन का विशेष आकर्षण रहे। इन्हें द्वादश ज्योतिर्लिंगों के स्वरूप में प्रतिष्ठित कर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की गई। भगवान शिव के इन पवित्र स्वरूपों के दर्शन और पूजन का अवसर पाकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
भक्तों ने श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति, आरोग्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की। सावन के अंतिम सोमवार पर हुए इस विशेष अनुष्ठान ने मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
वैदिक मंत्रों के बीच हुआ महा रुद्राभिषेक
महा रुद्राभिषेक का आयोजन मंदिर के पुरोहित पंडित श्री नागेश्वर पुरी गोस्वामी जी, आशुतोषपुरी गोस्वामी, नागेंद्रपुरी गोस्वामी तथा दशनाम नागा संन्यासी श्री दिगंबर अखिलेश पुरी जी महाराज, श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के शिष्य, के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में संपन्न कराया गया।
पूजा-अर्चना के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ शामिल रहे और भगवान महादेव के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
महा रुद्राभिषेक के दौरान मंदिर परिसर का वातावरण देखते ही बन रहा था। श्रद्धालुओं के सामूहिक ‘हर-हर महादेव’, ‘जय भोलेनाथ’ और ‘महामृत्युंजय महादेव’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
शिवभक्तों ने सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव की आराधना में बिताया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, आरोग्य और सभी के मंगल की प्रार्थना की।
सावन के अंतिम सोमवार पर भक्ति में डूबा कोरबा
सावन माह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में सावन के अंतिम सोमवार को आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का विशेष महत्व रहा। 12 पार्थिव शिवलिंगों को द्वादश ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रतिष्ठित कर किया गया महा रुद्राभिषेक श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष अवसर बना।

आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे अनुशासन और भक्तिभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता निभाई।
सफल आयोजन में समिति और श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका
धार्मिक आयोजन के सफल एवं शांतिपूर्ण संपादन में मंदिर समिति, श्रद्धालुओं और सहयोगीजनों का विशेष योगदान रहा। सभी के सहयोग से महा रुद्राभिषेक का आयोजन विधिवत एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं एवं उनके परिवारों के सुखमय, शांतिपूर्ण, समृद्ध एवं स्वस्थ जीवन की कामना की गई। सावन के अंतिम सोमवार पर हुआ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय धार्मिक अनुभव बन गया।
महादेव की भक्ति में डूबा मंदिर परिसर, द्वादश ज्योतिर्लिंग स्वरूप में सजे 12 पार्थिव शिवलिंग और गूंजते हर-हर महादेव के जयघोष ने सावन के अंतिम सोमवार को महामृत्युंजय महादेव मंदिर में आस्था का एक यादगार अध्याय बना दिया।
**हर-हर महादेव!
ॐ नमः शिवाय!**







