श्री सप्तदेव मंदिर में 4 सितंबर को गूंजेगा ‘नंद के घर आनंद भयो’, भव्य जन्माष्टमी उत्सव की तैयारियां तेज
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भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित जीवंत चलायमान झांकियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र, 3 सितंबर को लड्डू गोपाल सजाओ और 4 सितंबर को श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व श्री सप्तदेव मंदिर, कोरबा में इस वर्ष भी पूरे भक्तिभाव, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुरूप शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाने के साथ-साथ विशाल पंडालों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं बाल लीलाओं पर आधारित मनोहारी चलायमान झांकियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मूर्तिकारों द्वारा तैयार की जा रही इन झांकियों में धार्मिक प्रसंगों को जीवंत स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए श्रीकृष्ण का कारागार में जन्म, वासुदेव जी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल ले जाना, बकासुर वध, कालियानाग मर्दन और गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण करने जैसे अनेक प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
शाम 6 बजे से रात 12.30 बजे तक होगा झांकियों का दर्शन
मंदिर परिसर में बनाए जा रहे विशाल पंडालों में सुसज्जित इन चलायमान झांकियों का दर्शन श्रद्धालु सायं 6 बजे से रात्रि 12.30 बजे तक कर सकेंगे। झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके जीवन चरित्र को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। धार्मिक प्रसंगों के साथ सजी ये झांकियां बच्चों, युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

बच्चों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं
जन्माष्टमी उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों के लिए विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। 3 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक ‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की जाएगी। वहीं 4 सितंबर को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक 0 से 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए ‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’ आयोजित होगी। इसमें नन्हे बच्चे भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजकर उत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएंगे।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय होगा वातावरण
जन्माष्टमी की शाम मंदिर परिसर भक्ति और संगीत से सराबोर रहेगा। शुभम गोयल द्वारा सायं 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी। भजनों और श्रीकृष्ण की भक्ति में श्रद्धालु देर रात तक भाव-विभोर होंगे। इसके पश्चात रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य आतिशबाजी की जाएगी तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मध्यरात्रि में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का शुभ क्षण आएगा, मंदिर परिसर में जय श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण भक्तिमय होने की उम्मीद है।
विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस भी मनाया जाएगा
जन्माष्टमी उत्सव के साथ ही इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस भी मनाया जाएगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सनातन परंपरा, धार्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति से जुड़े संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
आदर्श सेवा केंद्र में धार्मिक सामग्री की भी होगी उपलब्धता
श्री सप्तदेव मंदिर परिसर स्थित आदर्श सेवा केंद्र में श्रद्धालुओं के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही रामदेव बाबा के आश्रम में निर्मित विभिन्न उपयोगी सामग्री तथा गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित धार्मिक एवं आध्यात्मिक पुस्तकें भी उपलब्ध रहेंगी। श्रद्धालु अपनी आवश्यकता के अनुसार धार्मिक साहित्य एवं पूजन सामग्री प्राप्त कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं से उत्सव में शामिल होने का आह्वान
श्री सप्तदेव मंदिर ट्रस्ट परिवार ने समस्त श्रद्धालुओं, भक्तजनों और धर्मप्रेमी नागरिकों से 4 सितंबर को श्री सप्तदेव मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव सहित सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
इस वर्ष की जन्माष्टमी में भव्य सजावट, जीवंत चलायमान झांकियां, बच्चों की प्रतियोगिताएं, भजन-कीर्तन, मध्यरात्रि जन्मोत्सव, आतिशबाजी और प्रसाद वितरण जैसे विविध आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। श्री सप्तदेव मंदिर में होने वाला यह आयोजन कोरबा में जन्माष्टमी पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक छटा को और भी भव्य बनाने वाला रहेगा।







