गुरु रविदास जयंती पर भाजपा कार्यालय में गूंजा सामाजिक समरसता का संदेश
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संत शिरोमणि के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान, 24 मंडलों के लिए हुआ कलश वितरण
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**/** कोरबा। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार, 21 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा के टी.पी. नगर स्थित जिला कार्यालय में भव्य संत समागम एवं कलश वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत रविदास जी के जीवन, उनके सामाजिक चिंतन और मानवता को दिए गए समानता एवं समरसता के संदेश को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह के मुख्य आतिथ्य, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी की अध्यक्षता तथा प्रदेश मंत्री ऋतु चौरसिया की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं ने संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक सद्भाव तथा भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी 24 मंडलों को धार्मिक परंपरा एवं विधि-विधान के अनुरूप कलश प्रदान किए गए। इन कलशों को संबंधित मंडलों के मंदिरों में स्थापित किया जाएगा।
“मन चंगा तो कठौती में गंगा”—गोपाल मोदी
भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने संत रविदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को स्मरण करते हुए कहा कि संत रविदास जी का पूरा जीवन मानवता, भक्ति और सामाजिक समानता का संदेश देता है। उन्होंने प्रसिद्ध उक्ति “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि निर्मल मन, सच्ची श्रद्धा और अच्छे कर्म आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और कर्मों के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके विचारों, कर्मों और मानवता से होती है। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव मिटाने की प्रेरणा देते हैं।
राजीव सिंह ने कहा—समानता और भाईचारे की राह दिखाते हैं संत रविदास
रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों तक रहा। उन्होंने ऊंच-नीच, भेदभाव और सामाजिक विभाजन के स्थान पर समानता, भाईचारे और मानवता को महत्व दिया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं। उनके विचार समाज को एकजुट करने, परस्पर सम्मान बढ़ाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी से संत रविदास जी के विचारों को केवल स्मरण करने के बजाय उन्हें अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया।
भोजराम देवांगन बोले—समरस समाज की स्थापना के लिए प्रेरणास्रोत हैं संत रविदास
छत्तीसगढ़ हाथकरघा संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन ने संत रविदास जी के जीवन एवं सामाजिक चिंतन को नमन करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने समाज को भेदभाव की सीमाओं से ऊपर उठकर प्रेम, समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का संदेश किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण समाज को जोड़ने वाला संदेश है। उनके विचार सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करने के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
24 मंडलों को सौंपे गए कलश, मंदिरों में होंगे स्थापित
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण जिले के 24 मंडलों के लिए कलश वितरण रहा। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप प्रदान किए गए इन कलशों को संबंधित मंडलों के मंदिरों में स्थापित किया जाएगा। इस पहल को संगठनात्मक एकजुटता के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव के रूप में देखा गया।
समारोह में संत रविदास जी की जयंती के माध्यम से सामाजिक समरसता, सद्भाव, समानता और सेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। भाजपा कार्यालय में आयोजित यह आयोजन श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता का संगम बना रहा।
कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक पंचायत प्रकोष्ठ पवन गर्ग, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, संतोषी दीवान, योगेश जैन, रुक्मणी नायर, नवीन अरोड़ा, अजय कंवर, नवीन मार्कंडेय, कमला बरेठ, , डॉ. विजय राठौर, राजेश लहरे, प्रीति स्वर्णकार, संजय राठौर, संजीव शर्मा, प्रदीप सिंह एवं अविनाश दुबे सहित विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गुरु रविदास जयंती के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सामाजिक समरसता केवल विचार नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली जीवन-पद्धति है। संत रविदास जी की शिक्षाओं को आत्मसात कर समानता, सद्भाव और मानवता से परिपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।







