बिजली संकट पर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश, 15 दिन का अल्टीमेटम; सुधार नहीं हुआ तो कुदमुरा में होगा चक्काजाम
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कुदमुरा। क्षेत्र में लंबे समय से जारी बिजली संकट को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। विद्युत व्यवस्था में लगातार बनी अव्यवस्था, बार-बार बिजली संबंधी समस्याओं और शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। इसी मुद्दे को लेकर आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के समक्ष दो टूक शब्दों में अपनी नाराजगी जताई और व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पिछली बैठक में भी विद्युत समस्या को लेकर गंभीर चर्चा हुई थी और समाधान का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों को आज भी बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लगातार शिकायतों और मांगों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं सुधरी व्यवस्था तो सड़क पर उतरेंगे ग्रामीण
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग को 15 दिनों का स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि के भीतर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चक्काजाम कर शासन-प्रशासन और विद्युत विभाग का ध्यान क्षेत्र की गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बिजली केवल सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीणों की दैनिक जरूरत है। बिजली व्यवस्था की खराब स्थिति का सीधा असर किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम ग्रामीणों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। ऐसे में समस्या को लंबे समय तक टालना क्षेत्रवासियों के साथ अन्याय है।
“अब आश्वासन नहीं, चाहिए स्थायी समाधान”
जनप्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। विभाग को धरातल पर कार्रवाई करते हुए विद्युत व्यवस्था में स्थायी सुधार करना होगा। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए खराब व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने, आवश्यक सुधार कार्य कराने तथा भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि 15 दिन की समयसीमा के भीतर यदि विद्युत समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों ने भी जनप्रतिनिधियों के साथ एकजुट होकर संघर्ष करने की बात कही।
इस दौरान जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिमन्यु राठिया, जनपद सदस्य जैनंद राठिया, ग्राम पंचायत कुदमुरा के सरपंच प्रतिनिधि महेश राठिया, कटकोना सरपंच महेंद्र राठिया, चचिया सरपंच गोपी राठिया, तौलीपाली सरपंच प्रतिनिधि महेत्तर राठिया, तरईमार सरपंच मुकेश राठिया, बासीन सरपंच बाबूलाल राठिया सहित आसपास के विभिन्न ग्रामों के ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिजली संकट पर बढ़ता आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी से प्रशासन पर दबाव
क्षेत्र में लंबे समय से बनी विद्युत समस्या को लेकर जिस तरह जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है, उससे आने वाले दिनों में मामला और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 15 दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तो ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतरकर चक्काजाम आंदोलन किया जाएगा।
अब देखना होगा कि विद्युत विभाग इस अल्टीमेटम को कितनी गंभीरता से लेता है और 15 दिनों के भीतर क्षेत्रवासियों को बिजली संकट से कितनी राहत मिलती है।







