August 18, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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500 से 700 श्रद्धालुओं ने खाली पैर कांवड़ लेकर तय किया लंबा सफर, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत; जलाभिषेक और भंडारे के साथ संपन्न हुई ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**  कोरबा। सावन के पावन महीने में सोमवार को वनांचल क्षेत्र लेमरू की धरती उस समय शिवमय हो उठी, जब गौमुखी सेवा धाम देवपहरी से जलेश्वर शिव मंदिर, गढ़ कटरा तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। 17 अगस्त को आयोजित इस धार्मिक यात्रा में भारी बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी। सैकड़ों शिवभक्त खाली पैर कांवड़ लेकर पैदल आगे बढ़ते रहे और पूरे मार्ग में “बोल बम… हर हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।
यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि वनांचल क्षेत्र की आस्था, सेवा, सामाजिक एकजुटता और सनातन परंपरा का विराट संगम बन गई। बारिश में भीगते हुए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भगवा ध्वज, कांवड़, भगवान शिव के जयकारे और जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा की गई सेवा से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया।
7-8 कांवड़ यात्रियों से शुरू हुई परंपरा, अब 500-700 श्रद्धालुओं तक पहुंची
आयोजकों के अनुसार यह कांवड़ यात्रा सावन के तीसरे सोमवार को प्रतिवर्ष आयोजित होती है। कभी महज 7-8 कांवड़ यात्रियों के साथ शुरू हुई यह धार्मिक परंपरा आज धीरे-धीरे विराट स्वरूप ले चुकी है। इस वर्ष भी लगभग 500 से 700 श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन की भव्यता को नई ऊंचाई दी।

 

 

यात्रा में शामिल श्रद्धालु गौमुखी से पवित्र जल लेकर भगवान जलेश्वर महादेव के जलाभिषेक के लिए पैदल रवाना हुए।
गौमुखी सिद्धीदात्री मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई यात्रा
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ गौमुखी सिद्धीदात्री मंदिर, देवपहरी में विधिवत पूजा-पाठ के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना कर गौमुखी से जल ग्रहण किया और कांवड़ लेकर जलेश्वर धाम की ओर प्रस्थान किया।
यात्रा में आकर्षक झांकी और साउंड सिस्टम भी शामिल रहा। जैसे-जैसे कांवड़ यात्रियों का कारवां आगे बढ़ा, वैसे-वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह बढ़ता गया।
लेमरू चौक से डीडापाठ तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कांवड़ यात्रा जब लेमरू चौक पहुंची तो ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा डीडापाठ की ओर बढ़ी। यहां ग्रामवासियों ने पूजा-अर्चना कर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। बंधन सिंह कंवर एवं अनार सिंह पैकरा की ओर से चाय-बिस्किट की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं की सेवा की गई।
तेज बारिश बनी परीक्षा, लेकिन शिवभक्तों के कदम नहीं रुके
डीडापाठ से आगे बढ़ते हुए यात्रा बजरंग बली मंदिर मार्ग से हरदी महुआ पहुंची। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते कांवड़ यात्री पूरी तरह भीग गए, लेकिन किसी ने कदम पीछे नहीं खींचे।
बारिश के बीच भी कांवड़ यात्रियों के जयकारे लगातार गूंजते रहे। हरदी महुआ में ग्रामीणों ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और चाय-बिस्किट सहित आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई।
गढ़ उपरोड़ा में दो स्थानों पर श्रद्धालुओं की सेवा
कांवड़ यात्रा के गढ़ उपरोड़ा पहुंचने पर दो अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए सेवा व्यवस्था की गई। राठौर दुकान एवं जितेंद्र दुकान के सामने ग्रामीणों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत करते हुए चाय-बिस्किट की व्यवस्था की। पूजा-पाठ के बाद कांवड़ यात्री फिर “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ आगे बढ़े।
बिछी घाट से गोगदा घाट तक दिखा सेवा और समर्पण
बिछी घाट में मिथलेश दुबे एवं मुकेश जी द्वारा हर वर्ष की परंपरा के अनुरूप इस बार भी कांवड़ यात्रियों के लिए सेवा, केला एवं अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई। पेयजल की व्यवस्था से भी श्रद्धालुओं को राहत मिली।
इसके बाद गोगदा घाट के नीचे कांवड़ यात्रा आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भगवा ध्वजों और शिवभक्ति के जयकारों से सराबोर दिखाई दिया।
कदमझरिया में भी ग्रामीणों ने निभाई सेवा की परंपरा
कदमझरिया में नोहर भैया जी द्वारा कांवड़ यात्रियों के लिए चाय-बिस्किट की व्यवस्था की गई। बारिश और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। रास्ते में ग्रामीणों और समाजसेवियों द्वारा की जा रही सेवा ने यात्रा को और अधिक आत्मीय बना दिया।
सतरेंगा चौक पर एकजुट हुआ कांवड़ियों का विशाल कारवां
यात्रा का प्रमुख पड़ाव सतरेंगा चौक रहा। यहां मौसम कंवर जी, विश्वनाथ जी एवं सरपंच प्रतिनिधि थान सिंह कंवर के नेतृत्व में बहेरा-सतरेंगा के ग्रामीणों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया और चाय-बिस्किट की व्यवस्था की।
सतरेंगा चौक से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री एक साथ जलेश्वर शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर कार्यक्रम की सहयोगी जिला पंचायत सदस्य रेणुका राठिया एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष बिजमती राठिया ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
जलेश्वर धाम पहुंचते ही हुआ जलाभिषेक, गूंज उठा हर-हर महादेव
लंबी पैदल यात्रा पूरी कर सभी कांवड़ यात्री जलेश्वर शिव मंदिर, गढ़ कटरा पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का पवित्र जल से जलाभिषेक किया और विधिवत पूजा-अर्चना की।
मंदिर परिसर “बोल बम”, “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ पूजा की।
इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन समिति ने संभाली व्यवस्था, एंबुलेंस से लेकर पुलिस सूचना तक रही तैयारी
कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित और भव्य स्वरूप देने के लिए इस वर्ष कांवड़ यात्रा आयोजन समिति देवघाटी का गठन किया गया था। आयोजन से पहले जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से संपर्क कर सहयोग मांगा गया, जिसका सकारात्मक परिणाम यात्रा के दौरान दिखाई दिया।
श्रद्धालुओं के उत्साहवर्धन के लिए कोरबा से साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर चाय, बिस्किट, फल, पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई।
सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की व्यवस्था भी रखी गई। कार्यक्रम की सूचना बालको एवं लेमरू थाना को दी गई थी।
प्रणेता फूल सिंह राठिया भी बड़ी ध्वजा लेकर रहे यात्रा में शामिल
इस धार्मिक यात्रा के प्रणेता सोनपुरी निवासी फूल सिंह राठिया स्वयं बड़ी ध्वजा लेकर खाली पैर कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने यात्रा के लगातार विस्तार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस यात्रा की शुरुआत कभी कुछ लोगों से हुई थी, वह आज सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुकी है।
इनका रहा विशेष योगदान
आयोजन को सफल बनाने में धन सिंह कंवर, अमृतलाल राठिया, प्रेमदास, गोपाल देवांगन, बृजभवन तंवर, रामकुमार यादव, पूरन सिंह, राजाराम राठिया धर्म सेना, कमल सिंह, अनार सिंह, किशुन पुष्कर, कृपाल कंवर, ज्योतिराम, श्रवण मंझवार, रवि प्रताप, ज्ञानिक राम, रामप्रसाद उईके, नरोत्तम भैया, सियाराम, चंद्रा कुमार राठिया (एकल अभियान) सहित अनेक श्रद्धालुओं एवं समाजसेवियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं क्षेत्रीय सनातन संघर्ष समिति के संयोजक हरि शंकर यादव सहित अनेक लोगों का भी आयोजन में सहयोग रहा।
कांवड़ यात्रा आयोजन समिति देवघाटी में अध्यक्ष परमेश्वर पैकरा, उपाध्यक्ष गणेश सिंह कंवर, सचिव बंधन सिंह कंवर, सहसचिव बलराम यादव एवं कोषाध्यक्ष हरि राम देवांगन सहित समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बारिश हारी, आस्था जीती
भारी बारिश के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं का खाली पैर कांवड़ लेकर पैदल चलना इस धार्मिक यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता रही। मौसम की चुनौती के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना रहा। रास्ते भर ग्रामीणों की सेवा, जगह-जगह स्वागत और शिवभक्तों के जयघोष ने पूरे वनांचल को भक्तिमय बना दिया।
गौमुखी देवपहरी से जलेश्वर शिव मंदिर तक निकली यह कांवड़ यात्रा आस्था, भक्ति, सेवा और सामाजिक एकता का ऐसा संदेश दे गई, जिसने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया।
बोल बम! 🚩
हर हर महादेव! 🔱

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