SI भर्ती पर कांग्रेस के सवालों पर भाजयुमो का पलटवार, टिकरिहा बोले—युवाओं की प्रतिभा पर राजनीति बंद करे कांग्रेस
1 min read



अभ्यर्थियों के दस्तावेज सामने रखकर राहुल टिकरिहा ने खोली कांग्रेस के आरोपों की परतें, बघेल-बैज से सार्वजनिक माफी की मांग
“नाम देखकर योग्यता तय करना कांग्रेस की मानसिकता, दस्तावेज देखे बिना सवाल उठाकर मेहनती युवाओं का अपमान”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। छत्तीसगढ़ में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर सियासत उस समय गरमा गई, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा ने कांग्रेस के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए अभ्यर्थियों के दस्तावेज और वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक कर दिए। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कांग्रेस नेताओं पर बिना पूरी जानकारी के युवाओं की सफलता को कटघरे में खड़ा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर मेहनती अभ्यर्थियों की प्रतिष्ठा और वर्षों की मेहनत से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में टिकरिहा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने कुछ अभ्यर्थियों के नामों को आधार बनाकर जिस तरह भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए, उससे न केवल तथ्यों की अनदेखी हुई, बल्कि सफल अभ्यर्थियों के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंची है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से अपने बयानों के लिए प्रदेश के युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
नामों पर सवाल उठाने वालों को दस्तावेजों से जवाब
टिकरिहा ने पत्रकार वार्ता में उन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सामने रखे, जिनके नामों को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल खड़े किए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के नाम की असामान्य प्रतीति उसके चयन की योग्यता का प्रमाण नहीं हो सकती। अभ्यर्थियों की पहचान निर्धारित करने के लिए वैध सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं और आयोग ने भी नामों को दस्तावेजों के आधार पर दर्ज किए जाने की बात स्पष्ट की है।

पत्रकार वार्ता में ‘न्यूज़ कुमार प्रधान’ नामक अभ्यर्थी का वीडियो भी दिखाया गया। टिकरिहा के अनुसार, रायगढ़ निवासी इस अभ्यर्थी के दस्तावेजों में नाम से संबंधित स्थिति का कारण शैक्षणिक दस्तावेज में हुई त्रुटि है, जबकि अन्य पहचान दस्तावेज वैध हैं। इसी तरह हे राम, पिता दाताराम, ने भी वीडियो के माध्यम से अपनी बात रखी और कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर परीक्षा में सफलता हासिल की है।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि “किसी युवा का नाम देखकर उसकी क्षमता पर फैसला सुनाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि उन लाखों युवाओं का अपमान है जो दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।”
“राजनीतिक हथियार न बनाएं युवाओं के भविष्य को”
टिकरिहा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हथियार बनाने के बजाय युवाओं के भविष्य पर गंभीरता से बात होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने चुनिंदा नामों को लेकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया संदेह के घेरे में दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया पर वास्तविक आपत्ति है तो तथ्य, दस्तावेज और नियमों के आधार पर सवाल उठाए जाएं, केवल नामों को देखकर सनसनी पैदा करना किसी भी स्तर पर उचित नहीं है।
2023 के पीएससी विवाद का मुद्दा उठाकर कांग्रेस पर तीखा हमला
पत्रकार वार्ता में टिकरिहा ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की भर्ती प्रक्रियाओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने वर्ष 2023 के सीजीपीएससी परिणामों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस समय चयन प्रक्रिया को लेकर रिश्तेदारों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े गंभीर सवाल उठे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में एसआई भर्ती लंबे समय तक लंबित रही, जबकि अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में अटकी हुई भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर 971 पदों की भर्ती पूरी की गई है।
टिकरिहा ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भी एएसआई और एसआई के 341 पदों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही पुलिस आरक्षक, शिक्षक, महिला एवं बाल विकास, हॉस्टल अधीक्षक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भर्ती और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का दावा उन्होंने किया।
“भाजपा सरकार में पारदर्शिता, कांग्रेस के पास सिर्फ आरोप”
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि यदि उसके पास भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करे, लेकिन केवल सोशल मीडिया पोस्ट और अभ्यर्थियों के नामों के आधार पर युवाओं की योग्यता पर सवाल उठाना बंद करे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा किसी राजनीतिक दल की बयानबाजी के मोहरे नहीं हैं। उन्होंने वर्षों तक मेहनत की है और उनकी सफलता का सम्मान होना चाहिए।
भाजयुमो ने कांग्रेस को दी खुली चुनौती
टिकरिहा ने कांग्रेस नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि “राजनीति करनी है तो भाजपा से राजनीतिक मुकाबला करें, लेकिन प्रदेश के मेहनती युवाओं को राजनीतिक निशाना न बनाएं।” उन्होंने दोहराया कि बिना तथ्यों के लगाए गए आरोपों से सफल अभ्यर्थियों की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान भाजयुमो प्रदेश मंत्री विशाल पाण्डेय, प्रदेश युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी वासु शर्मा, रायपुर जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी, ग्रामीण जिला अध्यक्ष पिंटू साहू, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी अनमोल तिवारी एवं सुनील शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


