युवा मतदाताओं को लोकतंत्र की ताकत बनाने की तैयारी, कोरबा में ELC नोडल अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
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कॉलेजों से लेकर स्कूलों, मतदान केंद्रों और औद्योगिक इकाइयों तक चलेगा मतदाता जागरूकता अभियान; युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने माइक्रो लेवल कार्ययोजना बनाने के निर्देश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**कोरबा,8अगस्त 2026
लोकतंत्र की मजबूती में युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कोरबा जिले में इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब (ELC) को सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, मतदान केंद्रों, सार्वजनिक उपक्रमों और औद्योगिक इकाइयों में गठित ELC के नोडल अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण 8 अगस्त को कलेक्टोरेट सभाकक्ष, कोरबा में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन की उपस्थिति में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य भावी एवं युवा मतदाताओं को मतदान के महत्व से अवगत कराना, उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
युवाओं को केवल मतदाता नहीं, लोकतंत्र का सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन ने ELC के सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को केवल मतदाता के रूप में जोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदान की जिम्मेदारी से भी परिचित कराया जाए।
उन्होंने भावी मतदाताओं और युवा मतदाताओं को मतदान के महत्व की जानकारी देने तथा मजबूत लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं की भूमिका बढ़ाने के लिए संस्थान स्तर पर विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी लोकतंत्र की महत्वपूर्ण शक्ति है। इसलिए विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य संस्थानों में ऐसी गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए, जिनसे युवा निर्वाचन प्रक्रिया को समझें और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाएं।

मतदान केंद्रों पर भी होंगे जागरूकता कार्यक्रम
उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर ने प्रशिक्षण के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ मतदान केंद्रों पर भी मतदाता जागरूकता संबंधी कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।
इससे मतदाता जागरूकता अभियान को केवल स्कूल-कॉलेजों तक सीमित न रखते हुए सीधे मतदान केंद्र स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
स्कूल-कॉलेज से उद्योग तक ELC की सक्रिय भूमिका
प्रशिक्षण में बताया गया कि जिले के—
शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय,
हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल,
उच्च शैक्षणिक संस्थान,
मतदान केंद्र,
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम,
औद्योगिक इकाइयां
में इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब (ELC) का गठन कर उसका प्रभावी संचालन किया जाना है।
ELC के माध्यम से युवा एवं भावी मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया, मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
ECINET एप से लेकर मतदाता सूची तक, प्रशिक्षण में मिली विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण कार्यशाला में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी श्री सतीश प्रकाश सिंह ने ELC के संचालन और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने ECINET मोबाइल एप की उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को समझाया। विशेष रूप से 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को अर्हता तिथियों के आधार पर पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों को संस्थान एवं मतदान केंद्र स्तर पर माइक्रो लेवल कार्ययोजना तैयार कर युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने और विभिन्न मतदाता जागरूकता गतिविधियों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए।
नाम जोड़ने से लेकर संशोधन और स्थानांतरण तक समझाई गई प्रक्रिया
प्रशिक्षण में मतदाता सूची से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इसमें—
नाम दर्ज कराना, नाम हटवाना, मतदाता विवरण में संशोधन, स्थानांतरण तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया सहित संबंधित विभिन्न प्रपत्रों की जानकारी शामिल रही।
इसके अलावा SIR और SSR, मतदाता सूची की जानकारी, निर्वाचन आयोग की भूमिका तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
EVM-VVPAT और नैतिक मतदान पर भी विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को EVM-VVPAT के माध्यम से मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रिया, मतदाता साक्षरता और नैतिक मतदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवा मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचने से पहले अपने मताधिकार, मतदान प्रक्रिया और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझ सकें।
अब हर संस्था बनाएगी अपनी माइक्रो लेवल रणनीति
प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण संदेश यह रहा कि मतदाता जागरूकता अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा। ELC नोडल अधिकारियों को अपने-अपने संस्थानों और क्षेत्रों के लिए माइक्रो लेवल कार्ययोजना तैयार करनी होगी।
इसके माध्यम से यह तय किया जाएगा कि कितने युवा भावी मतदाताओं तक पहुंच बनानी है, पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए किस तरह जागरूकता पैदा करनी है तथा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी को किस प्रकार अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाया जाना है।
लोकतंत्र की पाठशाला बनेंगे ELC
कोरबा जिले में ELC को प्रभावी बनाने की यह पहल आने वाले समय में स्कूल-कॉलेजों को लोकतांत्रिक जागरूकता की पाठशाला बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। युवा पीढ़ी को मतदान के अधिकार के साथ-साथ संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता की जानकारी मिलने से निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति उनकी समझ और भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशिक्षण में ये अधिकारी एवं प्रतिनिधि रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी.पी. उपाध्याय, ईवीपीजी कॉलेज के स्वीप नोडल अधिकारी बलराम कुर्रे, मास्टर ट्रेनर एवं सहायक प्राध्यापक श्री जे.सी. देवांगन, व्याख्याता श्रीमती उपासना पाठक, इलेक्शन सुपरवाइजर दीनदयाल भारद्वाज, सहायक प्रोग्रामर शीतल अग्रवाल, लेखापाल राम निवास साहू, तकनीकी सहायक भूपेंद्र पोर्ते सहित जिले के विभिन्न शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूलों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों के ELC नोडल अधिकारी एवं प्रभारी उपस्थित रहे।
साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशिक्षण में भाग लिया।
युवा जागरूक होंगे तो लोकतंत्र और मजबूत होगा
कोरबा में आयोजित यह जिला स्तरीय प्रशिक्षण केवल अधिकारियों को प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य युवा मतदाताओं तक लोकतांत्रिक जागरूकता की सीधी पहुंच बनाना है। अब ELC के माध्यम से स्कूल, कॉलेज, मतदान केंद्र और औद्योगिक संस्थान मतदाता जागरूकता के नए केंद्र बनेंगे।
युवा मतदाता जागरूक होंगे, अपने मताधिकार को समझेंगे और जिम्मेदारी के साथ मतदान प्रक्रिया में भाग लेंगे—यही मजबूत और जागरूक लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होगी।


